Karnal News: मंडी व सड़कों से पकड़ते थे गोवंश निर्जन इलाके में करते थे गोकशी Latest Haryana News

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करनाल। इंद्री के निर्जन इलाकों में आधी रात को गोकशी की जाती थी। सीआईए टीम ने गिरफ्तार तीनों आरोपियों से पूछताछ के बाद यह खुलासा किया है। तीनों आरोपी इंद्री मंडी और सड़कों से गोवंश को पकड़कर जंगल में लेकर आते थे। गंगोह, नकुड़ और पानीपत निवासी अन्य आरोपी गोकशी करते थे। मामले में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस पानीपत के साथ यूपी में भी दबिश देगी।

सीआईए एक प्रभारी संदीप मंढ़ान ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी यूपी के सहारनपुर जिले के शाहसपुर जट गांव निवासी नवाब, शहजाद और गंगोह के बाड़ी माजरा निवासी आजम पुलिस ने बुधवार को तीनों को इंद्री अदालत में पेश किया। अदालत ने तीनों का पांच दिन का रिमांड मंजूर किया है। उन्होंने बताया कि इंद्री क्षेत्र में 18, 19 और 21 मार्च को पश्चिमी यमुना नहर और धनोरा एस्केप से गोवंश के अवशेष मिलने के मामले में इंद्री थाना पुलिस ने दो प्राथमिकी दर्ज की थी। इसी मामले में एसपी नरेंद्र बिजारनिया ने तीनों सीआईए को जांच दी थी। तीनों टीमों के सहयोग से मंगलवार शाम को पुलिस ने तीनों आरोपियों को नकुड़ से गिरफ्तार कर लिया।

तीनों से पूछताछ में खुलासा हुआ है कि आरोपी लंबे समय से इंद्री के सुनसान एरिया में गोकशी का काम करते थे। तीनों आरोपी इंद्री मंडी और सड़कों से गोवंश को पकड़कर जंगल में लेकर आते थे। यहां गंगोह, नकुड़ और पानीपत निवासी अन्य आरोपी गोकशी करते थे। पुलिस अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है। रिमांड के दाैरान आरोपियों से ओर जानकारी के आधार पर गोकशी के पूरे नेटवर्क को खंगाला जाएगा। इसके अलावा मामले में शामिल अन्य आरोपियों की जल्द गिरफ्तार की जाएगी।


हर बार बदल देते थे जगह

पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि आरोपी इंद्री क्षेत्र में जंगल एरिया में जगह बदलकर रात के समय गोकशी करते थे। ऐसा इसलिए किया जाता था ताकि आरोपी पकड़ में न आए। यह काम लंबे समय से चल रहा था। गोवंश के बचे हुए अवशेषों को नहर या फिर बड़े नालों में डाला जाता था। आरोपी गाड़ी में मांस लोड करके यूपी ले जाते थे। वहां पर मांस को बेच दिया जाता था। रिमांड के दाैरान पुलिस पूछताछ करेगी कि आरोपियों ने इंद्री क्षेत्र के अलावा ओर कहां कहां पर गोकशी की है।

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Karnal News: मंडी व सड़कों से पकड़ते थे गोवंश निर्जन इलाके में करते थे गोकशी