Karnal News: फ्लाइट रद्द करने पर स्पाइसजेट को देना होगा 1.39 लाख से अधिक मुआवजा Latest Haryana News

[ad_1]

करनाल। फ्लाइट रद्द करने और यात्रियों को समय पर उचित विकल्प नहीं देने के मामले में जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने बड़ा फैसला सुनाते हुए स्पाइसजेट एयरलाइंस को फटकार लगाई है। आयोग ने एयरलाइंस को शिकायतकर्ता को कुल 1.39 लाख रुपये से अधिक का भुगतान करने का आदेश दिया है। इसमें दूसरी फ्लाइट पर किए गए खर्च की भरपाई, मानसिक प्रताड़ना का मुआवजा और अदालती खर्च शामिल हैं। आयोग ने स्पष्ट किया कि केवल टिकट राशि लौटाकर एयरलाइंस अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती, विशेषकर जब यात्रियों को अचानक ऐसी स्थिति का सामना करना पड़े।

मॉडल टाउन निवासी शशांक जैन ने मार्च, 2024 में अपने परिवार में पत्नी, दो बच्चों और बुजुर्ग माता-पिता के साथ दिल्ली से सिक्किम जाने के लिए 11 अप्रैल 2024 की फ्लाइट की टिकटें बुक की थीं। शिकायत के अनुसार पूरा परिवार करनाल से करीब 140 किलोमीटर का सफर तय कर सुबह दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचा, जहां उन्हें पता चला कि फ्लाइट रद्द कर दी गई है।

आरोप है कि एयरलाइंस के कर्मचारियों को भी उड़ान रद्द होने की स्पष्ट जानकारी नहीं थी। यात्रियों को पहले बोर्डिंग प्रक्रिया के लिए भेजा गया और बाद में फ्लाइट रद्द होने की बात कही गई। जब परिवार ने वैकल्पिक उड़ान की मांग की तो एयरलाइंस स्टाफ ने मदद से इनकार कर दिया और कथित रूप से दुर्व्यवहार भी किया।

एयरलाइंस ने अपने बचाव में कहा कि उड़ान तकनीकी खराबी के कारण रद्द की गई थी, जो उनके नियंत्रण से बाहर था। कंपनी का दावा था कि यात्रियों को 10 अप्रैल की रात ही ईमेल और मैसेज के माध्यम से सूचना दे दी गई थी और टिकट की मूल राशि वापस करने की पेशकश भी की गई थी।

मजबूरी में दूसरी एयरलाइन से लिया टिकट

ऐसी स्थिति में शिकायतकर्ता ने तत्काल एयर इंडिया की फ्लाइट से बागडोगरा एयरपोर्ट के लिए टिकट बुक करवाई, जिस पर 1,19,724 रुपये खर्च हुए। इसके बाद परिवार को बागडोगरा से पाक्योंग तक टैक्सी से करीब 8 घंटे का सफर करना पड़ा, जिस पर करीब 10 हजार अतिरिक्त खर्च आया। शिकायत में बताया गया कि शिकायतकर्ता की माता का हिप रिप्लेसमेंट हुआ था और पिता मधुमेह से पीड़ित हैं। इस लंबी और थकाऊ यात्रा के कारण उन्हें शारीरिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा।

आयोग ने कहा सिर्फ रिफंड काफी नहीं

आयोग के अध्यक्ष जसवंत सिंह, सदस्य नीरू अग्रवाल और सर्वजीत कौर ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद पाया कि अंतिम समय पर उड़ान रद्द करना और वैकल्पिक व्यवस्था न देना सेवा में गंभीर लापरवाही है। आयोग ने एयरलाइंस को आदेश दिया कि वह शिकायतकर्ता को दूसरी एयरलाइन की टिकट पर खर्च 1,19,724 रुपये वापस करे। इसके अलावा परिवार को हुई मानसिक पीड़ा और असुविधा के लिए 15 हजार हर्जाना और पांच हजार मुकदमे का खर्च देने के निर्देश दिए गए हैं।

[ad_2]
Karnal News: फ्लाइट रद्द करने पर स्पाइसजेट को देना होगा 1.39 लाख से अधिक मुआवजा