Karnal News: दो साल में 9502 ग्रामीण महिलाएं बनीं लखपति दीदी Latest Haryana News

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करनाल। पहले जहां ग्रामीण महिलाएं घर से बाहर निकलने में संकोच करती थीं, वहीं आज महिलाएं अपनी मेहनत और संकल्प से ‘लखपति दीदी’ बनकर समाज में नई पहचान बना रही हैं। जिले में पिछले दो साल में कुल 9502 महिलाएं सालाना एक लाख रुपये से अधिक की आमदनी अर्जित कर चुकी हैं। 13 महिलाओं को औपचारिक रूप से लखपति दीदी का दर्जा भी मिला है।

प्रबंधक गुरमीत ने बताया कि हजारों महिलाएं आय के स्तर पर लखपति बन चुकी हैं लेकिन अब तक 13 महिलाओं को ही आधिकारिक रूप से लखपति दीदी का दर्जा दिया गया है। यह महिलाएं अपने कार्यक्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए न केवल खुद को सशक्त बना रही हैं बल्कि अपने परिवार का आधा खर्च संभाल कर सशक्तिरण का संदेश दे रही हैं। उन्होंने बताया कि इस साल 28 हजार लखपति दीदी बनाने का मुख्य उद्देश्य है जिसमें अलग-अलग कौशलों का प्रशिक्षण दिलवाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाएगा।

महिलाओं की आय के स्रोत

कृषि कार्यों में सक्रिय : 4648 महिलाएं

गैर-कृषि व्यवसायों में : 1482 महिलाएं

पशुपालन और अन्य कार्यों से आय : 2715 महिलाएं


प्रेरक कहानियां

ममता, असंध

ममता ने वर्ष 2019 में समूह से जुड़कर दुग्ध उत्पादन का प्रशिक्षण लिया और स्वयं की दुकान खोली। शुरुआत में परिवार का विरोध था लेकिन बाद में सभी मान गए। आज वह सालाना पांच लाख रुपये से अधिक कमाती हैं। परिवार के खर्च में योगदान दे रही हैं। अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा प्रदान कर रही हैं।

कविता, गुल्लरपुर

शादी के बाद वर्ष 2019 में कविता स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं। 40,000 रुपये का ऋण लेकर डेयरी शुरू की। अब वह हर माह 12000 रुपये कमाती हैं। 10 अन्य महिलाओं के समूह के साथ मिलकर काम कर रही हैं।

ग्रामीण महिलाओं के लिए नई राह

योजना महिलाओं को समूहों में जोड़कर उनकी रुचि और कौशल के अनुसार प्रशिक्षण देती है। इसका उद्देश्य महिलाओं को स्वयं का व्यवसाय खोलने और आत्मनिर्भर बनने में मदद करना है। लक्ष्य 28,000 महिलाओं को लखपति दीदी बनाना है।

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Karnal News: दो साल में 9502 ग्रामीण महिलाएं बनीं लखपति दीदी