Karnal News: ढाबा संचालक बोले- सिलिंडर दिलवाओ काम बंद हो रहा, डीएफएससी का जवाब- लो पीएनजी कनेक्शन Latest Haryana News

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करनाल। वाणिज्यिक गैस सिलिंडरों की कमी ने ढाबा और रेस्तरां कारोबार को संकट में डाल दिया है। सिलिंडर की अनियमित सप्लाई के चलते कई कारोबारियों के सामने रोजमर्रा का काम चलाना मुश्किल हो गया है। कुछ स्थानों पर काम ठप होने की नौबत आ गई है। समस्या के समाधान के लिए बुधवार को ढाबा और रेस्तरां संचालक जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक कार्यालय पहुंचे। बैठक में संचालकों ने कहा कि उन्हें सिलिंडर दिलवाए जाएं। डीएफएससी ने उन्हें पीएनजी कनेक्शन लेने की नसीहत दी।

ढाबा संचालक विपिन कुमार, रामेश्वर, विनोद कुमार और अमित कुमार सहित अन्य ने बताया कि वाणिज्यिक गैस सिलिंडर नहीं मिलने से उनके कामकाज पर सीधा असर पड़ रहा है। कई ढाबों और रेस्तरां में खाना बनाना मुश्किल हो गया है, जिससे ग्राहकों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो नुकसान और बढ़ सकता है। संचालकों ने बताया कि एक दिन पहले वे विधायक जगमोहन आनंद से भी मिले थे जिन्होंने उनकी समस्या को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों के साथ बैठक तय करवाई थी।

डीजल-कोयले की भट्ठी से काम करना मुश्किल

संचालकों ने बताया कि गैस की कमी के चलते उन्हें मजबूरी में डीजल और कोयले की भट्ठियों का उपयोग करना पड़ रहा है। इससे एक तरफ खर्च बढ़ गया है, वहीं काम भी सुचारू रूप से नहीं हो पा रहा। उन्होंने इसे अस्थायी समाधान बताते हुए कहा कि लंबे समय तक इस तरीके से काम करना संभव नहीं है। ढाबा और रेस्टोरेंट संचालकों ने अधिकारियों से मांग की कि कॉमर्शियल गैस सिलिंडरों की आपूर्ति जल्द बहाल की जाए, ताकि उनका कारोबार सामान्य हो सके। अगर स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो छोटे कारोबारियों के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो सकता है।

जहां पीएनजी लाइन नहीं वहां मिलेगा सिलिंडर

बैठक में डीएफएससी मुकेश कुमार ने बताया कि सरकार के निर्देशानुसार जिन क्षेत्रों में पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) लाइन उपलब्ध है। वहां अधिक से अधिक कनेक्शन देने की योजना बनाई जा रही है। जिन इलाकों में लाइन नहीं है, वहां संबंधित गैस कंपनियों से संपर्क कर नई लाइन बिछाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके लिए स्थानीय लोगों से एनओसी लेने की भी बात कही गई।

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Karnal News: ढाबा संचालक बोले- सिलिंडर दिलवाओ काम बंद हो रहा, डीएफएससी का जवाब- लो पीएनजी कनेक्शन