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करनाल। स्वच्छ सर्वेक्षण-2026 से पहले मुख्यमंत्री के सुशासन सहयोगियों के औचक स्वच्छ सर्वेक्षण में भले ही नगर निगम को प्रदेश में सबसे ज्यादा अंकों के साथ पहला स्थान मिला हो लेकिन कूड़े के पहाड़ ने कूड़ा निष्पादन की पोल खोल दी। इस कारण निगम को दस में से 7.5 अंक ही मिल पाए। 11 और 12 फरवरी को शहर में स्वच्छता के आठ मदों पर हुए निरीक्षण में टीम को बाकी सब ठीक लगा लेकिन दो लाख मीट्रिक टन कूड़े के ढेर ने निगम को आइना दिखाने का काम किया।
मुख्यमंत्री के सुशासन सहयोगियों की रिपोर्ट में निगम की उपलब्धियों के साथ कमियों को भी उजागर किया गया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि नगर निगम करनाल में डोर टू डोर कूड़ा उठान सही मिला। निष्पादन का काम कमजोर मिला। पीपीई का इस्तेमाल भी सही तरीके से नहीं हो रहा था। शेखपुरा में कूड़े का पहाड़ भी मिला। इसके कूड़े का निष्पादन नहीं होना पाया गया।
अमर उजाला ने अपने छह फरवरी के अंक में स्वच्छता रैंकिंग में बाधा बनने वाले दो लाख टन कूड़े के पहाड़ का समाचार प्रमुखता से प्रकाशित किया था। हालांकि नगर निगम की ओर से इसके निष्पादन के लिए करीब 14 करोड़ रुपये का बजट बनाया है लेकिन अब तक किसी भी एजेंसी को इसके उपयुक्त नहीं पाया गया है।
मुख्यमंत्री के सुशासन सहयोगियों ने स्वच्छता के निर्धारित आठ मानकों दृश्यमान स्वच्छता, नागरिकों की प्रतिक्रिया, सामुदायिक व सार्वजनिक शौचालयों की सफाई, कचरा संवेदनशील बिंदुओं का उन्मूलन, स्वच्छता लक्ष्य इकाई, डोर-टू-डोर कचरा उठान और सार्वजनिक स्थानों की साफ-सफाई पर निरीक्षण किया था।
20 सालों से जमा हो रहा है कूड़ा
शहर से पिछले लगातार 20 सालों से निकाले जा रहे कूड़े से मेरठ रोड पर शेखपुरा सोहाना गांव के पास बने पहाड़ के लिए निगम की 14 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना है। इस कूड़े से खाद, आरडीएफ और सीएंडडी वेस्ट अलग किया जाना है। आरडीएफ का इस्तेमाल सीमेंट फैक्टरी, वेस्ट टू एनर्जी प्लांट में होगा जबकि सीएंडडी वेस्ट का इस्तेमाल टूटी सड़कों और खाली जमीन में भराव के लिए किया जाना है।
करीब 17 माह में काम पूरा करने को लिए रोजाना 400 मीट्रिक टन कूड़े के निष्पादन की योजना है। इस हिसाब से दो लाख टन कूड़े के निष्पादन में करीब 500 दिन लग जाएंगे।
वर्जन:
पुराने कूड़े का निस्तारण कर खाद बनेगी। बाकी अवशेष से आरडीएफ और सीएंडडी वेस्ट निकाला जाएगा जिनका दोबारा इस्तेमाल हो सकेगा। इससे भूमि और वायु प्रदूषण से निजात मिलेगा। – वैशाली शर्मा, आयुक्त, नगर निगम
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Karnal News: डोर टू डोर कूड़ा उठान में मिले ज्यादा नंबर



