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रात में घर से बाहर निकल रहे हैं तो सजग रहें। रात की गश्त से पुलिस गायब मिलेगी। शनिवार रात को ऐसा ही था। अमर उजाला की टीम ने शहर का दौरा किया तो मुख्य चौक-चौराहों पर पुलिस मौजूद नहीं थी। इस दौरान पुलिस की कोई गाड़ी भी गश्त पर नहीं दिखी। शहर की सड़कों पर रात के अंधेरे में सन्नाटा पसरा मिला। न पेट्रोलिंग, न चेकिंग और न ही कहीं पुलिसकर्मियों की तैनाती।
रात 11:45 बजे बंद मिला थाना
शनिवार की रात 11:45 बजे दिल्ली-अंबाला नेशनल हाईवे पर यातायात थाने के मुख्य गेट पर चैन लगाकर ताला पड़ा हुआ था। आसपास कोई पुलिसकर्मी नहीं था। नेशनल हाईवे पर हर वक्त भारी वाहनों की आवाजाही रहती है। शनिवार को भी आवाजाही जारी थी।
रात 12 बजे – नमस्ते चौक
रात 12 बजे नमस्ते चौक और आसपास कोई पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था। चौक शहर का प्रमुख प्रवेश बिंदू माना जाता है। यहां करीब 20 मिनट तक अमर उजाला की टीम रही लेकिन कोई गश्त के लिए नहीं आया। गुजर रहे लोगों ने बताया कि रात के समय यहां अक्सर हंगामा होता है। तेज आवाज में संगीत बजाते कार चालक निकलते हैं। पुलिस की मौजूदगी नहीं रहती।
रात 12:20 बजे – ताऊ देवीलाल चौक
ताऊ देवीलाल चौक पर रात 12:20 बजे पुलिस की उपस्थिति नहीं दिखी। चौक रात के समय भी व्यस्त रहता है। यहां से एक रास्ता मेरठ की ओर जाता है और दूसरा अंबाला-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ता है। चौक पर एक भी पुलिसकर्मी तैनात नहीं था।
रात 12:30 बजे : आईटीआई चौक
आईटीआई चौक पर एक पुलिस वाहन खड़ा था। लाइटें जल रही थीं। गाड़ी के अंदर या बाहर कोई नहीं मिला। कुछ देर बाद एक व्यक्ति आया और बताया कि यह सीआईए की गाड़ी है। इसके तुरंत बाद वह गाड़ी लेकर चला गया। पास बने ट्रैफिक बूथ पर ताला लटका हुआ था।
शहर में सभी जगह गश्त के लिए पॉइंट निर्धारित हैं। यदि गश्त नहीं की जा रही है तो इसकी जांच कराई जाएगी। यातायात पुलिस का काम अधिकतर दिन का होता है। रात में नशे में गाड़ी चलाने की गतिविधियों पर ही नजर रखी जाती है। इसलिए हो सकता है यातायात पुलिस थाने पर ताला लगा हो। -संदीप, डीएसपी हेडक्वार्टर
इनका कहना हैप्रेम नगर निवासी सुरेंद्र का कहना है कि रात के समय असामाजिक तत्व दो बार उन पर हमला कर चुके हैं। रात को शहर में पुलिस की गश्त तो होनी ही चाहिए। इससे शहरवासियों को सुरक्षित होने का अहसास होगा।
गांधी नगर निवासी संदीप का कहना है कि रात को शहर की सड़कों पर नशे में लोग घूमते हैं। नशे के लिए वारदात कर सकते हैं। शहर के मुख्य चौक चौराहों और बाजारों में पुलिस की लगातार पेट्रोलिंग होती रहनी चाहिए।
आनंद विहार निवासी महावीर ने बताया कि पुलिस की गश्त रहेगी तो शहर के लोगों में सुरक्षा का आत्मविश्वास बना रहेगा। मुख्य चौराहों और बाजारों में रात में पुलिस की तैनाती जरूरी है। गश्त के प्रति गंभीरता होनी चाहिए।
बांसो गेट निवासी रिंकू ने बताया कि कई बार हादसे भी हो जाते हैं। पुलिस सबसे पहले पहुंच कर लोगों को राहत दे सकती है। रात में पुलिस की जरूरत अधिक हो जाती है। पुलिस की गश्त कम होना चिंता का विषय है।
रात में घटनाएं
– सेक्टर-12 की बड़ी वाल्मीकि बस्ती में एक्सरे तकनीशियन अजय पर 4 फरवरी को रात के करीब 11 बजे दो युवकों ने शराब के नशे में हमला कर दिया था।
– फूसगढ़ में चार फरवरी की रात को दो बदमाशों ने ब्यूटी पार्लर और दुकान के ऊपर बने मकान पर पांच राउंड फायर किए।
– मॉडल टाउन में 7 फरवरी की रात को दो दुकानों के ताले तोड़कर चोरी हुई।
– 29 जनवरी की रात को बस स्टैंड के पास कपड़े की दुकान का ताला तोड़कर चोरी हुई।
– सेक्टर 16 में दो जनवरी को सोना पिघलाने वाले आदिक के सिर पर प्रहार कर दो बदमाशों ने घायल कर दिया था। उनसे करीब सवा किलो सोना लूट लिया था।
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Karnal News: जागते रहो… जागते रहो… गश्त से गायब है पुलिस




