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करनाल। गैंगस्टर नोनी राणा के गुर्गे मेरठ निवासी अमर सिंह (30) की निशानदेही पर 27 नवंबर को झंझाड़ी गांव में विस्फोटक सामग्री बरामद हुई थी। पंजाब से लाई गई यह सामग्री अमर सिंह को किसने दी थी और आगे कहां भेजनी थी, इन सवालों का जवाब अभी तक नहीं मिला है। छह दिन के रिमांड में एसटीएफ इस राज से पर्दा नहीं उठा पाई है। आरोपी को मंगलवार को अदालत में पेश करके फिर सात दिन का रिमांड पर लिया गया है।
एसटीएफ के प्रभारी दीपेंद्र सिंह के अनुसार, आरोपी ने रिमांड के दौरान कई जगहों के नाम लिए। पंजाब, नोएडा और मेरठ सहित अन्य ठिकानों पर दबिश दी गई। इन जगहों से कुछ नहीं मिला। गुर्गे अमर सिंह की निशानदेही पर 27 नवंबर को एसटीएफ को कर्ण लेक के पीछे गांव झंझाड़ी में आरडीएक्स से बना बम (आईईडी), दो हैंड ग्रेनेड, टाइमर आदि बरामद हुए थे। प्रारंभिक जांच में सामग्री पाकिस्तान से आई हुई पाई गई। आतंकी साजिश की आशंका को ध्यान में रखते हुए एसटीएफ जांच कर रही है। हरियाणा पुलिस और पंजाब पुलिस को भी सतर्क किया गया है।
गैंगस्टर ने ही उपलब्ध कराई थी विदेशी पिस्टल
25 नवंबर को इंद्री रोड से गुजरात नंबर की इंडेवर कार में सवार कुख्यात अपराधी अमर सिंह को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया था। आरोपी लाडवा में किसी से मिलने आया था और नोएडा लौट रहा था। उसके कब्जे से विदेशी पिस्टल (ग्लोक) और पांच कारतूस बरामद हुए थे। पुलिस के अनुसार पिस्टल उसे नोनी राणा ने उपलब्ध कराई थी। आरोपी के खिलाफ सदर थाना में आर्म्स एक्ट की धारा में प्राथमिक दर्ज की गई। अदालत से छह दिन के रिमांड पर लिया गया। रिमांड के दौरान अमर सिंह ने गिरोह की साजिश से पर्दा उठाते हुए करनाल में विस्फोटक सामग्री छुपाने की जानकारी दी। रिमांड के दौरान ही उसकी 10 बड़ी वारदात और गैंग में शामिल होने की स्थिति आदि की जानकारी मिली।
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Karnal News: छह दिन में भी आरोपी अमर से विस्फोटक का राज नहीं उगलवा पाई एसटीएफ


