Karnal News: ग्रेप-4 लागू, 2000 करोड़ रुपये के विकास कार्यों पर लगा ब्रेक Latest Haryana News

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करनाल। हवा की बिगड़ती सेहत के कारण शुक्रवार को ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रेप) का चौथा चरण लागू कर दिया गया। ग्रेप-4 के तहत धूल, मिट्टी और निर्माण कार्यों से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए सख्त प्रतिबंध लगाए गए हैं। इससे नगर निगम समेत शहर के सभी सरकारी विभागों के विकास कार्य बंद हो गए हैं। शहर में करीब 2000 करोड़ रुपये के विकास कार्यों पर रोक लगा दी गई है।

ग्रेप-4 लागू होने का सीधा असर शहर की प्रमुख परियोजनाओं पर पड़ा है। करीब 112 करोड़ रुपये से टी-फ्लाईओवर के निर्माण कार्य 1700 करोड़ रुपये से रिंग रोड तक के काम पर फिलहाल रोक दिए हैं। 162 करोड़ रुपये से किया जा रहा यूनिटी मॉल का निर्माण भी रोक दिया गया है। इन परियोजनाओं पर काम कर रही एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जब तक ग्रेप के प्रतिबंध हटते नहीं, तब तक किसी भी प्रकार का निर्माण नहीं किया जाएगा।

नगर निगम के स्तर पर भी हालात ऐसे ही हैं। निगम के अंतर्गत शहर के विभिन्न वार्डों में चल रहे 16 करोड़ रुपये से ज्यादा के 130 विकास कार्यों पर ब्रेक लग गया है। इनमें सड़कों का निर्माण, नालियों की मरम्मत, इंटरलॉकिंग टाइल्स, सीवर और पानी की पाइपलाइन से जुड़े कार्य शामिल हैं।

ग्रेड-4 आपातकालीन उपायों का समूह है, जो पहले के स्टेज-1, 2 और 3 के प्रतिबंधों के अलावा लागू होता है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग इसको लागू करने का फैसला करता है। इस दौरान सभी प्रकार के निर्माण और विध्वंस कार्यों पर पूर्ण रोक लग जाती है, जिसमें हाईवे, फ्लाईओवर, पावर लाइन और पाइपलाइन जैसे प्रोजेक्ट भी शामिल हैं।

निजी स्तर पर निर्माण जारी

ग्रेप-4 के लागू होने से जहां एक ओर शहरवासियों को साफ हवा मिलने की उम्मीद जगी है वहीं विकास कार्यों के रुकने से आम लोगों को असुविधाओं का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि प्रशासन निजी भवनों के निर्माण पर पूरी तरह से रोक लगाने में नाकाम है। शहर के कई हिस्सों में अब भी निजी स्तर पर निर्माण कार्य हो रहे हैं। एचएसआईआईडीसी के सेक्टर-3 से लेकर सेक्टर-12 के पास निर्माण चल रहे हैं।


ग्रेप-4 के तहत सभी निर्माण गतिविधियों पर रोक अस्थायी है। जैसे ही हवा की गुणवत्ता में सुधार होगा और ग्रेप हटाया जाएगा, उसके बाद शहर के विकास कार्य दोबारा शुरू किए जा सकेंगे। फिलहाल प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित करना प्राथमिकता है। – रणदीप सिंधू, एसडीओ, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड

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Karnal News: ग्रेप-4 लागू, 2000 करोड़ रुपये के विकास कार्यों पर लगा ब्रेक