Karnal News: गणपति की प्रतिमाओं का विसर्जन Latest Haryana News

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संवाद न्यूज एजेंसी

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करनाल। गणेश चतुर्थी से शुरू हुए गणपति उत्सव के दौरान सुबह शाम हो रही पूजा के बाद कुछ श्रद्धालुओं ने सातवें दिन गजानन जी की प्रतिमा का पश्चिमी यमुना नहर में विसर्जन किया गया। गाजेबाजे के साथ रंग गुलाल उड़ाते नाचते गाते हुए सड़कों पर श्रद्धालुओं को देख गया।

शाम को नहर किनारे बप्पा की आरती कर आगे वर्ष जल्दी आने का न्यौता दे विसर्जन किया गया।

हनुमान गली के श्रद्धालु अमरजीत मित्तल, सदीप सोनी, कुलबीर, सन्नी मित्तल, राजीव सिंगला ने बताया कि गणेश चतुर्थी के अवसर पर शोभा यात्रा के साथ गणेश जी की प्रतिमा को विराजमान किया गया था शुक्रवार दोपहर को गाजे बाजे के साथ शोभा यात्रा निकाल बप्पा की आरती कर पश्चिमी यमुना नहर में विसर्जन

किया गया।

सेक्टर 14 के रिलांयस जियो के अधिकारी हिमांशु और प्रशांत कांबोज ने बताया कि कंपनी के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने बप्पा को विराजमान कर सुबह शाम आरती की जा रही थी। शुक्रवार को पश्चिमी यमुना नहर में बप्पा का विसर्जन किया गया। बप्पा को विराजमान करने से सभी के मन की मुरादें पूरी होती है।

विसर्जन यात्रा में जमकर नाचे भक्त : सेक्टर 13 की पुरानी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के अमित भाटिया और उनके परिवार के सदस्यों ने शुक्रवार शाम को डीजे की धुन पर डांस करते हुए बप्पा को पश्चिमी यमुना नहर में विसर्जन किया गया। विसर्जन करने से सभी ने बप्पा की आरती की और अगले वर्ष जल्दी आने का न्योता दे विदाई दी।

पांच साल से लग रहा गणपति पंडाल

करनाल। आनंद वाटिका सेक्टर 36 में राजेश चावला ने भी गणपति पंडाल लगाया है। वह पिछले पांच सालों से लगातार गणपति को विराजमान करते हैं। पंडाल में शुक्रवार कोपूजा अर्चना की गई। राजेश चावला ने बताया कि इस कार्यक्रम में सोसाइटी के लोग शामिल होकर गणपति जी का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। जबसे गणपति हमारी आनंद वाटिका सोसाइटी में आए हैं, सोसाइटी में आनंद का माहौल है। अब यहां लगभग 150 परिवार रहते हैं। ब्यूरो

शिव सहज प्रसन्न हो देते हैं मनोवांछित फल

घरौंडा। जीतपुरी मंदिर में आयोजित श्रीशिव महापुराण कथा में प्रवचन करते हुए आचार्य मणि प्रसाद गौतम ने कहा कि श्री शिव सहज ही प्रसन्न हो जाते और मनोवांछित फल देते हैं। शिव पुराण की कथा सुनने से मनुष्य के सभी संकट कट जाते है। उन्होंने कहा कि लगभग सभी पुराणों में शिव को त्याग तपस्या वात्सल्य तथा करुणा की मूर्ति बताया गया है। शिव सहज से ही प्रसन्न हो जाते हैं व मनोवांछित फल देने वाले हैं। श्री शिव महापुराण में शिव जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उनके रहन-सहन उत्पत्ति के विषय में विशेष रूप से वर्णन किया। संवाद

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Karnal News: गणपति की प्रतिमाओं का विसर्जन