Karnal News: कर्ण नगरी में स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षित होंगी महिलाएं Latest Haryana News

[ad_1]

गगन तलवार

Trending Videos

करनाल। प्रदेश का पहला महिला स्वयं सहायता समूह प्रशिक्षण केंद्र करनाल में बनाया जाएगा। जिसमें प्रदेश भर के स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। यहां पर उन्हें उनकी रुचि से संबंधित क्षेत्र में प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार शुरू करने और उत्पाद की मार्केटिंग के लिए तैयार किया जाएगा। नेशनल हाईवे-44 के पर गांव बसताड़ा के नजदीक करीब सवा एकड़ जमीन पर केंद्र का निर्माण शुरू हो चुका है। पंचायती राज विभाग की ओर से करीब डेढ़ साल में 3.20 करोड़ की लागत से भवन को तैयार किया जाएगा।

दो मंजिला भवन में भूतल पर अधिकारी एवं प्रशिक्षकों के कार्यालय व प्रशिक्षण हॉल का निर्माण होगा। जबकि प्रथम तल पर प्रशिक्षणार्थियों के ठहरने के लिए हॉल एवं कमरों का निर्माण किया जाएगा। ताकि बाहर से आने वाले समूहों के सदस्य एक बार यहां आने के बाद अपना प्रशिक्षण पूरा करके ही वापस लौटें। जानकारी के अनुसार स्वयं सहायता समूहों के तहत पूरे प्रदेश में 58 हजार ग्रुप बने हैं। समूहों में छह लाख महिलाएं सदस्यों के रूप में आत्मनिर्भर बनने की ओर अग्रसर है। इनमें एक लाख महिलाएं ऐसी हैं, जिनकी वार्षिक आय एक लाख रुपये से कम है। अभी समूहों में महिलाओं को विभिन्न विभागों के साथ समन्वय करके कृषि, गैर कृषि आजीविका गतिविधियों से संबंधित प्रशिक्षण दिलवाया जाता है। ब्यूरो

बॉक्स

महिलाओं को इस तरह का मिलेगा प्रशिक्षण

इस केंद्र में उन्हें इस बात की जानकारी दी जाएगी कि वह कैसे अपने प्रोडक्ट को बेहतर बना सकती हैं और किस तरह से बिक्री बढ़ा सकती हैं। इसके अलावा कहां से उनको कच्चा माल उचित दरों पर मिल सकता है। अपने उत्पादन में उनको किन बातों को ध्यान रखना है जैसी विशेष जानकारियां प्रदान की जाएंगी। उनको प्रशिक्षण के बाद प्रमाणपत्र भी दिए जाएंगे।

बॉक्स

हरियाणा में महिला स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) के ये हैं प्रमुख कार्य-

– घरेलू सामान जैसे कि चंगेरी, मूढ़ा, हाथ के पंखे, पर्स, मनी बैग, टेबल क्लॉथ और टीवी कवर आदि बनाती हैं।

– कृषि और बागवानी में उन्नत तकनीकों का इस्तेमाल और स्वैच्छिक बचत एवं वित्तीय समावेशन को बढ़ावा

– खाद्य पदार्थ जैसे सरसों का तेल, आटा, सूजी, पापड़, बड़ी, अचार, मुरब्बा, अगरबत्ती बनाती हैं।

– ग्राम स्तर पर रिसोर्स पर्सन और जल जीवन मिशन के तहत वीडब्ल्यूएससी, वॉटर एंड सैनिटेशन स्पोर्ट ऑर्गेनाइज़ेशन (डब्ल्यूएसएसओ) और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के साथ मिलकर कार्य करती हैं।

– आईसीटी के माध्यम से जेलों में भी प्रशिक्षण देती हैं।

वर्जन

बसताड़ा में महिला स्वयं सहायता समूह प्रशिक्षण केंद्र का निर्माण किया जा रहा है। इस पर कुल 3.20 करोड़ रुपये खर्च होंगे। भवन निर्माण के बाद जरूरी उपकरण अन्य व्यवस्थाएं की जाएंगी।

– परमिंद्र सिंह, एक्सईएन, पंचायती राज

[ad_2]
Karnal News: कर्ण नगरी में स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षित होंगी महिलाएं