संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। 15 साल की इशिता तलवारबाजी में राष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन कर रही हैं। वह केवल 12 साल की थीं जब उन्होंने तलवारबाजी करना शुरू किया। अब राष्ट्रीय स्तर पर उनकी पहचान है। उन्होंने बताया कि पिता मनीष कुमार साइकिलिंग के राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी रहे हैं। पिता की प्रेरणा से उनकी भी रुचि खेलों में बढ़ी। शुरुआत कर्ण स्टेडियम में जिमनास्टिक से हुई। हालांकि कुछ समय बाद उन्होंने तलवारबाजी को चुन लिया। पिछले 3 साल से कर्ण स्टेडियम में तलवारबाजी का अभ्यास कर रही हैं। कोच राजकुमार हैं। इशिता ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2024 में तलवारबाजी शुरू की थी। 2024 में उन्होंने प्रदेश स्तर पर अपना पहला रजत पदक जीता। उन्होंने बताया कि उनकी माता अंशुल गृहिणी हैं। इशिका जापान की मिसाकी एमुरा को अपना आदर्श मानती हैं। ओलंपिक में पदक जीतना उनका सपना है।
उपलब्धियां
वर्ष 2024 में प्रदेश स्तर की प्रतियोगिता में जीता रजत पदक।
2024 में प्रदेश स्तर की प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीता।
2025 में राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में पर स्वर्ण पदक जीता।
2025 में प्रदेश स्तर की प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीता।