Karnal News: परिवार नियोजन अपनाने में पुरुषों से आगे महिलाएं


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अनुज शर्मा
करनाल। परिवार नियोजन का फैसला लेने की आजादी पूरी तरह से महिलाओं के हाथों में देनी चाहिए। यह जिले में एक वर्ष के आंकड़े बता रहे हैं। दरअसल, सरकार की ओर से चलाई जा रही परिवार नियोजन योजना में सामने आया है कि पुरुषों के मुकाबले महिलाएं इसके उपाय अपनाने में ज्यादा आगे हैं।
डिप्टी सीएमओ डॉ. शीनू चौधरी ने बताया कि यह योजना सिर्फ बढ़ती जनसंख्या कम करने के लिए नहीं बल्कि हेल्थ व वेल्थ बढ़ाने के लिए चलाई जा रही है लेकिन बावजूद इसके पुरुषों की भागीदारी इसमें कम है। आंकड़ों के अनुसार जिले में इस वर्ष यानी 10 माह 28 दिन तक 2251 महिलाओं ने परिवार नियोजन अपनाते हुए नलबंदी करवाई है, वहीं दूसरों ओर मात्र 280 जागरूक पुरुषों ने अपनी नसबंदी करवाई है।
डिप्टी सीएमओ डॉ. शीनू चौधरी ने बताया कि कॉन्ट्रासेप्शन पिल्स और नलबंदी से न सिर्फ महिलाएं अनचाहे गर्भधारण से बच सकेंगी बल्कि इससे वो रोजगार के नए अवसर भी खोज पाएंगी। इसके अलावा दो बच्चों के बीच का अंतर, जन्म स्थान और कंसीव करने का फैसला लेने की आजादी भी महिलाओं को ही दी जानी चाहिए। इससे मॉर्टेलिटी या रिप्रोडक्शन रेट, असुरक्षित गर्भपात और एचआईवी के मामलों में कमी आएगी। महिलाओं के साथ पुरुषों को इसके बारे में अधिक जागरूक करना चाहिए ताकि उन्हें महिलाओं को मौत से बचाया जा सके। इसको लेकर 21 नवंबर से चार दिसंबर तक परिवार कल्याण पुरुष नसबंदी पखवाड़ा चलाया जा रहा है। संवाद
तीन से 10 साल तक नहीं रहेगी फिक्र
डिप्टी सीएमओ डॉ. शीनू चौधरी ने बताया कि अनचाहे गर्भ से निजात पाने के लिए गर्भनिरोधक गोलियां, नलबंदी के अलावा पोस्ट पार्टम इंट्रायूटेराइन कंट्रासेप्टिव डिवाइस (पीपी आईयूसीडी) यानी कॉपर-टी भी फायदेमंद है। यह पहली डिलीवरी के 48 घंटों के अंदर लगाई जाती है। जिसे कंसीव करने से पहले आसानी से निकाला जा सकता है। यह पांच से 10 साल तक अनचाहे गर्भ को रोकती है। साथ ही अंतरा एक गर्भनिरोधक इंजेक्शन है, जो दो बच्चों के बीच का अंतर रखने के लिए लगवाया जाता है। एक साल में इसके चार डोज दिए जाते हैं। जो तीन माह के अंतराल में लेना होता है। यह अनचाहे गर्भ को रोकने में 99.7 प्रतिशत तक प्रभावी है।
पुरुष नसबंदी के फायदे
पुरुष नसबंदी, महिला नलबंदी की अपेक्षा बहुत आसान और कम खर्चीला है। जो दंपती भविष्य में बच्चा पैदा नहीं करना चाहते हैं, वे डॉक्टर से बात करने के बाद नसबंदी करा सकते हैं। यह गर्भधारण से रोकने में बहुत प्रभावी होता है। पुरुष नसबंदी जन्म दर रोकने का एक स्थायी, प्रभावी और सुविधाजनक उपाय है। नसबंदी कराने के बाद पुरुषों की यौन क्षमता और यौन क्रिया पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।

अनुज शर्मा

करनाल। परिवार नियोजन का फैसला लेने की आजादी पूरी तरह से महिलाओं के हाथों में देनी चाहिए। यह जिले में एक वर्ष के आंकड़े बता रहे हैं। दरअसल, सरकार की ओर से चलाई जा रही परिवार नियोजन योजना में सामने आया है कि पुरुषों के मुकाबले महिलाएं इसके उपाय अपनाने में ज्यादा आगे हैं।

डिप्टी सीएमओ डॉ. शीनू चौधरी ने बताया कि यह योजना सिर्फ बढ़ती जनसंख्या कम करने के लिए नहीं बल्कि हेल्थ व वेल्थ बढ़ाने के लिए चलाई जा रही है लेकिन बावजूद इसके पुरुषों की भागीदारी इसमें कम है। आंकड़ों के अनुसार जिले में इस वर्ष यानी 10 माह 28 दिन तक 2251 महिलाओं ने परिवार नियोजन अपनाते हुए नलबंदी करवाई है, वहीं दूसरों ओर मात्र 280 जागरूक पुरुषों ने अपनी नसबंदी करवाई है।

डिप्टी सीएमओ डॉ. शीनू चौधरी ने बताया कि कॉन्ट्रासेप्शन पिल्स और नलबंदी से न सिर्फ महिलाएं अनचाहे गर्भधारण से बच सकेंगी बल्कि इससे वो रोजगार के नए अवसर भी खोज पाएंगी। इसके अलावा दो बच्चों के बीच का अंतर, जन्म स्थान और कंसीव करने का फैसला लेने की आजादी भी महिलाओं को ही दी जानी चाहिए। इससे मॉर्टेलिटी या रिप्रोडक्शन रेट, असुरक्षित गर्भपात और एचआईवी के मामलों में कमी आएगी। महिलाओं के साथ पुरुषों को इसके बारे में अधिक जागरूक करना चाहिए ताकि उन्हें महिलाओं को मौत से बचाया जा सके। इसको लेकर 21 नवंबर से चार दिसंबर तक परिवार कल्याण पुरुष नसबंदी पखवाड़ा चलाया जा रहा है। संवाद

तीन से 10 साल तक नहीं रहेगी फिक्र

डिप्टी सीएमओ डॉ. शीनू चौधरी ने बताया कि अनचाहे गर्भ से निजात पाने के लिए गर्भनिरोधक गोलियां, नलबंदी के अलावा पोस्ट पार्टम इंट्रायूटेराइन कंट्रासेप्टिव डिवाइस (पीपी आईयूसीडी) यानी कॉपर-टी भी फायदेमंद है। यह पहली डिलीवरी के 48 घंटों के अंदर लगाई जाती है। जिसे कंसीव करने से पहले आसानी से निकाला जा सकता है। यह पांच से 10 साल तक अनचाहे गर्भ को रोकती है। साथ ही अंतरा एक गर्भनिरोधक इंजेक्शन है, जो दो बच्चों के बीच का अंतर रखने के लिए लगवाया जाता है। एक साल में इसके चार डोज दिए जाते हैं। जो तीन माह के अंतराल में लेना होता है। यह अनचाहे गर्भ को रोकने में 99.7 प्रतिशत तक प्रभावी है।

पुरुष नसबंदी के फायदे

पुरुष नसबंदी, महिला नलबंदी की अपेक्षा बहुत आसान और कम खर्चीला है। जो दंपती भविष्य में बच्चा पैदा नहीं करना चाहते हैं, वे डॉक्टर से बात करने के बाद नसबंदी करा सकते हैं। यह गर्भधारण से रोकने में बहुत प्रभावी होता है। पुरुष नसबंदी जन्म दर रोकने का एक स्थायी, प्रभावी और सुविधाजनक उपाय है। नसबंदी कराने के बाद पुरुषों की यौन क्षमता और यौन क्रिया पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।

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Written by Haryanacircle

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