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Karnal: तीन युवकों की हत्या के आठ दोषियों को आजीवन कारावास की सजा, गोलियां बरसाकर की थी वारदात


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हरियाणा के करनाल में पांच वर्ष पूर्व शहर के गुरु ब्रह्मानंद चौक पर कार सवार तीन युवकों की गोलियां बरसाकर हत्या करने वाले आठ दोषियों को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। बुधवार को कड़ी सुरक्षा के बीच आरोपियों को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोहित अग्रवाल की अदालत में लाया गया। दोपहर बाद न्यायाधीश ने इस मामले में फैसला सुनाया। वहीं चार आरोपी साक्ष्यों के अभाव में बरी हो गए। एक आरोपी के मामले में अभी सुनवाई जारी रहेगी। इस वारदात को रंजिश के चलते अंजाम दिया गया था।

सरकारी वकील सुभाष चंद्र ने बताया कि असंध के रंगरूटी खेड़ा गांव निवासी 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश कप्तान उर्फ प्रवीण, सोनीपत जिले के पंची जाटान निवासी सुशील उर्फ सिल्ला व महलाना निवासी अमित उर्फ लांबा, गोहाना निवासी हंसराज उर्फ रोहित, बधाना निवासी सचिन उर्फ मूसा, करनाल के बराना गांव निवासी अमित उर्फ मित्ता, अरजाहेड़ी गांव निवासी विक्रम उर्फ विक्की व शिव कॉलोनी करनाल निवासी ऋतुराज को आजीवन कारावास की सजा हुई है। 
 इस मामले में असंध निवासी सोहनलाल उर्फ सोनू व टिंकू, बस्तली गांव निवासी सुनील उर्फ सीनू और नया बांस गांव निवासी रमेश उर्फ मेशा को बरी कर दिया है। आरोपी विजय को लेकर अभी अदालत में सुनवाई जारी रहेगी। 

यह था मामला
आठ दिसंबर 2016 को फार्च्यूनर कार में जिले के जाणी गांव निवासी संदीप उर्फ  संजू व राजेश, भांबरेहड़ी गांव निवासी नरेश, बस्तली गांव निवासी मनोज, चांद, कबड्डी खिलाड़ी गुलाब व अमित शादी समारोह में जा रहे थे, तभी करनाल शहर के गुरु ब्रह्मानंद चौक के समीप दूसरी गाड़ी में सवार बदमाशों ने नरेश की फार्च्यूनर कार पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी।

इस वारदात में गोलियां लगने से नरेश व राजेश की मौके पर ही मौत हो गई जबकि गुलाब ने अस्पताल में दम तोड़ा था। मनोज व चांद भी गंभीर रूप से जख्मी हुए थे। यह मामला तब बहुत चर्चित रहा था। घटना को अंजाम देकर हत्यारे फरार हो गए थे। बाद में पता चला था कि कप्तान की नरेश के साथ रंजिश चल रही थी। जिसके चलते बदमाशों के साथ उसने मिलकर हत्याकांड को अंजाम दिया था। कप्तान पर पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज थे। 

विस्तार

हरियाणा के करनाल में पांच वर्ष पूर्व शहर के गुरु ब्रह्मानंद चौक पर कार सवार तीन युवकों की गोलियां बरसाकर हत्या करने वाले आठ दोषियों को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। बुधवार को कड़ी सुरक्षा के बीच आरोपियों को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोहित अग्रवाल की अदालत में लाया गया। दोपहर बाद न्यायाधीश ने इस मामले में फैसला सुनाया। वहीं चार आरोपी साक्ष्यों के अभाव में बरी हो गए। एक आरोपी के मामले में अभी सुनवाई जारी रहेगी। इस वारदात को रंजिश के चलते अंजाम दिया गया था।

सरकारी वकील सुभाष चंद्र ने बताया कि असंध के रंगरूटी खेड़ा गांव निवासी 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश कप्तान उर्फ प्रवीण, सोनीपत जिले के पंची जाटान निवासी सुशील उर्फ सिल्ला व महलाना निवासी अमित उर्फ लांबा, गोहाना निवासी हंसराज उर्फ रोहित, बधाना निवासी सचिन उर्फ मूसा, करनाल के बराना गांव निवासी अमित उर्फ मित्ता, अरजाहेड़ी गांव निवासी विक्रम उर्फ विक्की व शिव कॉलोनी करनाल निवासी ऋतुराज को आजीवन कारावास की सजा हुई है। 

 इस मामले में असंध निवासी सोहनलाल उर्फ सोनू व टिंकू, बस्तली गांव निवासी सुनील उर्फ सीनू और नया बांस गांव निवासी रमेश उर्फ मेशा को बरी कर दिया है। आरोपी विजय को लेकर अभी अदालत में सुनवाई जारी रहेगी। 

यह था मामला

आठ दिसंबर 2016 को फार्च्यूनर कार में जिले के जाणी गांव निवासी संदीप उर्फ  संजू व राजेश, भांबरेहड़ी गांव निवासी नरेश, बस्तली गांव निवासी मनोज, चांद, कबड्डी खिलाड़ी गुलाब व अमित शादी समारोह में जा रहे थे, तभी करनाल शहर के गुरु ब्रह्मानंद चौक के समीप दूसरी गाड़ी में सवार बदमाशों ने नरेश की फार्च्यूनर कार पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी।

इस वारदात में गोलियां लगने से नरेश व राजेश की मौके पर ही मौत हो गई जबकि गुलाब ने अस्पताल में दम तोड़ा था। मनोज व चांद भी गंभीर रूप से जख्मी हुए थे। यह मामला तब बहुत चर्चित रहा था। घटना को अंजाम देकर हत्यारे फरार हो गए थे। बाद में पता चला था कि कप्तान की नरेश के साथ रंजिश चल रही थी। जिसके चलते बदमाशों के साथ उसने मिलकर हत्याकांड को अंजाम दिया था। कप्तान पर पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज थे। 

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