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25जेएनडी02 : पाइपलाइन बिछाने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग के स्टोर में रखे पाइप। संवाद
जींद। शहर के लोगों को नहरी पेयजल आधारित परियोजना का अभी और इंतजार करना पड़ेगा। सरकार ने एलान किया था कि शहर के लोगों को विधानसभा चुनाव से पहले इस परियोजना की सौगात मिल जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया है। फिलहाल इस योजना के लिए केवल नरवाना के पास से गुजर रही भाखड़ा ब्रांच नहर से पाइपलाइन डालने का टेंडर हुआ है। इसकी बिड खुल गई है। 90.44 करोड़ रुपये के इस काम को अलॉट करने के लिए फाइल मुख्यालय भेजी गई है। वहीं बड़ौदी गांव में जलघर बनाने के लिए टेंडर रद्द हो गया था। अब इसे दोबारा लगाया जाएगा। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि लोगों को अगले साल ही स्वच्छ पेयजल मिल पाएगा।
वर्ष 2018 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने शहर के लोगाें को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए इस परियोजना की घोषणा की थी। चार साल तक जनस्वास्थ्य विभाग जमीन की तलाश करता रहा। बाद में उसे बड़ौदी गांव के पास जमीन मिली। विभाग को लगभग 46 एकड़ जमीन चाहिए थी, लेकिन यह 35 एकड़ ही मिल पाई है। बाकी जमीन भी जल्द ही जनस्वास्थ्य विभाग के नाम हो जाएगी। इस पूरी परियोजना पर 163 करोड़ रुपये खर्च होने हैं।
गांव बड़ौदी में 60 एमएलडी क्षमता का मुख्य जलघर बनाया जाएगा। इस जलघर से पूरे शहर में पाइपलाइन के जरिये पानी पहुंचाया जाएगा। इस जलघर में पानी नरवाना के पास से गुजर रही भाखड़ा ब्रांच नहर से आएगा। भाखड़ा नहर के पास भी जनस्वास्थ्य विभाग ने कुछ जमीन खरीदी है। भाखड़ा ब्रांच नहर से पानी पाइपलाइन के जरिए बड़ौदी के मुख्य जलघर तक पहुंचा जाएगा।
330 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जाएगी
भाखड़ा ब्रांच नहर से बड़ौदी तक, बड़ौदी के मुख्य जलघर से शहर में कुल 330 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इसके लिए पंपिंग स्टेशन का निर्माण, डब्ल्यूटीपी, बूस्टिंग स्टेशन, पंप चैंबर, राइजिंग मेन बिछाने के लिए काम किया जाएगा। डेढ़ महीने पहले 90.44 करोड़ का टेंडर लगाया गया था, मगर उसे किसी कारणवश रद्द कर दिया था। अब यह टेंडर दोबारा लगाया गया था और खोल दिया गया है। अब कंपनी को वर्क अलॉट करने के लिए फाइल मुख्यालय भेजी गई है।
ट्यूबवेल के पानी में टीडीएस अधिक
इस समय जनस्वास्थ्य विभाग शहर में ट्यूबवेल का जो पानी सप्लाई कर रहा है उसमें टीडीएस अधिक है। कई स्थानों पर तो टीडीएस दो हजार तक पहुंच गया है। शहर में भूमिगत जल पीने योग्य नहीं बचा है। केवल हांसी ब्रांच नहर के पास ही पानी पीने के लायक है। जनस्वास्थ्य विभाग ने यहां पर ट्यूबवेल लगाकर पाइपलाइन के जरिए शहर के दूसरे हिस्से में पानी पहुंचाया है। हर साल विभाग के ट्यूबवेल खराब हो जाते हैं, इसलिए लोगों को स्वच्छ पेयजल की समस्या से जूझना पड़ रहा है। शहर के लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए नहरी पानी पर आधारित योजना बनाई गई थी।
नहरी पानी पर आधारित पेयजल परियोजना के लिए 90.44 करोड़ रुपये का टेंडर लगाया गया है। दूसरे टेंडर के तहत 71.98 करोड़ रुपये से काम होंगे। एक टेंडर खुल गया है। वर्क अलॉट करने के लिए फाइल मुख्यालय भेजी गई है। यह शहर की बड़ी परियोजना है। जल्द ही इस पर काम शुरू हो जाएगा। -जगदीप दलाल, एक्सईएन, जन स्वास्थ्य विभाग, जींद।

25जेएनडी02 : पाइपलाइन बिछाने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग के स्टोर में रखे पाइप। संवाद
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