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जींद। जिले की मंडियों में अभी तक 50.33 लाख क्विंटल गेहूं आया है। मात्र 18.97 लाख क्विंटल गेहूं की खरीद हो चुकी है जबकि 4.75 प्रतिशत गेहूं का उठान भी हो चुका है। वहीं फसल खरीद के नियम के विरोध में भारतीय किसान यूनियन ने बुधवार को मंडी में कृषि मंत्री श्याम राणा का पुतला जलाया।
उठान कम होने के कारण अनाज मंडी में जगह-जगह गेहूं के ढेर लगे हैं। इससे न केवल मंडी की व्यवस्था चरमरा गई है बल्कि आवागमन भी प्रभावित हो रहा है। किसानों को कई दिनों तक फसल के उठान का इंतजार करना पड़ रहा है।
किसान जगबीर, रामनिवास, सूरजभान, संदीप, रामस्वरूप का कहना है कि फसल को बेचने के लिए मंडी में ला रहे हैं लेकिन यहां उन्हें व्यवस्था नहीं मिल रही। वे 3-4 दिनों से मंडी में डटे हुए हैं लेकिन न तो समय पर तौल हो पा रही है और न ही उठान की कोई स्पष्ट व्यवस्था दिखाई दे रही है। खुले में पड़े अनाज को लेकर किसानों की चिंता और भी बढ़ गई है। वहीं अनाज के ढेरों के बीच पर्याप्त जगह न होने के कारण मजदूरों को भी काम करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं शहर की अनाज मंडी में फसल खरीद के नियम के विरोध में भारतीय किसान यूनियन का धरना बुधवार को आठवें दिन जारी रहा। आक्रोशित भाकियू पदाधिकारियों ने कृषि मंत्री श्याम राणा का पुतला जलाया। जिला प्रधान बिंद्र नंबरदार, उपाध्यक्ष उमेद सिंह रेढू, जिला प्रेस प्रवक्ता रामराजी ढुल और राजेंद्र पहलवान ने कहा कि जब तक सरकार का यह तुगलकी फरमान वापस नहीं होता जब तक धरना जारी रहेगा। इस अवसर पर अजमेर, जयबीर, रणधीर, जयपाल, सतबीर, प्रदीप, कर्म सिंह, भगत सिंह और महावीर भी मौजूद रहे।
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नुकसान के मुआवजे की मांग
खेतों से गुजरने वाली हाईटेंशन लाइन से किसानों को होने वाले नुकसान के मुआवजे की मांग को लेकर बुधवार को 10-12 गांवों के किसान लघु सचिवालय परिसर पहुंचे। किसानों ने डीसी मोहम्मद इमरान रजा से इस मामले को लेकर चर्चा की।
भारतीय किसान कामगार अधिकार मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सतेंद्र लोहचब की अगुवाई में बुधवार को कई गांवों के दर्जनों किसान जींद के लघु सचिवालय परिसर पहुंचे। कहा कि केंद्र सरकार और हरियाणा सरकार की नीति है कि किसानों को मुआवजा कलेक्टर रेट को आधार मानकर नहीं बल्कि जमीन के मार्केट रेट को आधार मानकर उसके अनुसार दिया जाए।
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