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जींद। बरसात के मौसम में जलभराव की समस्या को देखते हुए इस बार नगर परिषद ने समय रहते नालों की सफाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। 30.38 लाख रुपये से शहर के नालों की सफाई के लिए टेंडर जारी किया गया है। इसकी बिड 17 अप्रैल को खोली जाएगी।
शहर में 104 नाले हैं जिनकी लंबाई करीब 60 हजार मीटर है। हर साल जून में शुरू होने वाली बरसात के दौरान इन नालों के जाम होने से पानी की निकासी बाधित हो जाती है। इससे शहर की कई कॉलोनियों में जलभराव की स्थिति बन जाती है। यदि समय रहते नालों की सफाई पूरी हो जाती है तो बरसात के दौरान पानी की निकासी सुचारू रहेगी।
इससे कॉलोनियों में जलभराव नहीं होगा और घरों में पानी घुसने, सड़कों पर कीचड़ और बदबू जैसी समस्याओं से राहत मिलेगी। साथ ही मच्छरों और गंदगी से फैलने वाली बीमारियों से भी राहत मिलेगी। नगर परिषद का दावा है कि बरसाती सीजन से पहले सफाई कार्य पूरा कर लिया जाएगा ताकि शहरवासियों को पिछले वर्षों जैसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
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शहर के अधिकतर नाले गंदगी से अटे हैं
शहर के अधिकतर नाले गंदगी से अटे पड़े हैं जिससे आसपास के घरों में सीलन और बदबू फैल रही है। कई इलाकों में तो लोगों को इस समस्या के चलते विरोध प्रदर्शन तक करना पड़ा है। हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, शिव कॉलोनी, श्याम नगर, डिफेंस कॉलोनी और पटियाला चौक के आसपास हर साल जलभराव की स्थिति गंभीर हो जाती है। बरसात के समय नाले ओवरफ्लो होकर घरों में पानी बैक मारते हैं जिससे लोगों को कई दिनों तक भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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नगर परिषद के पास लगभग 184 सफाई कर्मचारी हैं
नगर परिषद के पास लगभग 184 सफाई कर्मचारी हैं। इनमें अधिकतर प्रतिदिन डोर टू डोर कूड़ा उठाने, शहर की सड़कों की सफाई में लगे रहते हैं। बीते वर्ष टेंडर नहीं होने से शहर में समस्या बढ़ गई थी। इसके लिए एक एजेंसी से 35 कर्मचारी नगर परिषद ने हायर कर शहर की सफाई करवाई थी। इनके अतिरिक्त नगर परिषद के कर्मचारी भी लगाए गए थे।
वर्जन
शहर में नालों की सफाई के लिए टेंडर 30.38 लाख रुपये से लगाया है। इसकी बिड 17 अप्रैल को खुलेगी। इच्छुक एजेंसियां आवेदन कर सकती हैं। नियम पूरे करने वाली एजेंसी को शहर के नालों की सफाई का काम दिया जाएगा ताकि समय पर नालों की सफाई हो सके। -ऋषिकेश चौधरी, ईओ नगर परिषद जींद।
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