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ग्रामीण क्षेत्र में संसाधनों की कमी के बावजूद यदि इरादे बुलंद और सामूहिक प्रयास हो तो बदलाव होता है। इसका जीवंत उदाहरण बेलरखा गांव की दादा खेड़ा लाइब्रेरी है जो आज क्षेत्र के सैकड़ों युवाओं के सपनों को पंख दे रही है।
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