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चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय में अत्याधुनिक बहुमंजिला विश्वविद्यालय पुस्तकालय भवन को वर्ष 2026 के नए साल से विद्यार्थियों, शोधार्थियों और फैकल्टी सदस्यों के लिए संचालित किया जाएगा। इस भव्य भवन का नाम डॉ. बीआर आंबेडकर लाइब्रेरी रखा गया है।
यह विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं शोध अधोसंरचना को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। यह आधुनिक लाइब्रेरी 1500 से अधिक पाठकों की बैठने की क्षमता से युक्त होगी। छात्रों को सुरक्षित, सुविधाजनक और अध्ययन के अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के लिए पूरे भवन में सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था की गई है।
लाइब्रेरी में आरएफआईडी आधारित ऑटोमेशन सिस्टम लगाया जाएगा जिससे पुस्तकों का निर्गमन, प्रबंधन और सेवाएं अधिक सुचारू और सुरक्षित हो सकेंगी।
विद्यार्थियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए यहां 24 घंटे रीडिंग हॉल की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी जिसमें निर्बाध अध्ययन के लिए बिजली बैकअप की भी व्यवस्था होगी। शोधार्थियों और फैकल्टी सदस्यों के लिए अलग-अलग अध्ययन कक्ष बनाए गए हैं। ग्राउंड और फर्स्ट फ्लोर पर हेल्प डेस्क, नई पुस्तकों का सेक्शन, चर्चा कक्ष, प्रॉपर्टी काउंटर, फोटोकॉपी के लिए टक शॉप और ऑनलाइन पब्लिक एक्सेस कैटलॉग की सुविधा होगी। पहली व दूसरी मंजिल पर विशाल और शांत रीडिंग हॉल होंगे जबकि तीसरी मंजिल पर एक्विजिशन, टेक्निकल व रेफरेंस सेक्शन और यूनिवर्सिटी लाइब्रेरियन का कार्यालय होगा। चौथी और पांचवीं मंजिल पर पुस्तक स्टैक एरिया, थीसिस सेक्शन और ई-रिसोर्सेज के लिए इंटरनेट लैब स्थापित की जाएगी। प्रत्येक मंजिल पर स्वच्छ पेयजल और शौचालय की व्यवस्था भी रहेगी।
वर्जन फोटो 26जेएनडी38
विश्वविद्यालय को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए बीते वर्ष भी बेहतर काम किया है। आगामी वर्ष में जो परियोजनाएं प्रस्तावित हैं उनको पूरा करवाया जाएगा। इसके अतिरिक्त भी नई शैक्षणिक व्यवस्थाओं को शुरू करवाया जाएगा ताकि विद्यार्थियों के भविष्य को सुधार जा सके। -प्रोफेसर डॉ. रामपाल सैनी, कुलपति, सीआरएसयू जींद।
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