Jind News: चार से आठ मई तक होगा विद्यार्थियों की दक्षता का वैज्ञानिक मूल्यांकन haryanacircle.com

[ad_1]

जींद। प्राथमिक शिक्षा की नींव को मजबूत करने और विद्यार्थियों के सीखने के स्तर का सटीक आकलन करने के लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद ने कमर कस ली है। जिले में मूलभूत शिक्षण अध्ययन की शुरुआत होने जा रही है।

यह अध्ययन राष्ट्रीय स्तर के मानकों के अनुरूप बच्चों की बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान को मापने के लिए आयोजित किया जाएगा। जिला समन्वयक एफएलएन राजेश वशिष्ठ ने बताया कि एससीईआरटी की जारी रूपरेखा के अनुसार, कार्यक्रम दो मुख्य चरणों में संपन्न होगा।

प्रथम चरण में चार से पांच मई तक जिलास्तरीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे। द्वितीय चरण में छह से आठ मई तक वास्तविक मूलभूत शिक्षण अध्ययन किया जाएगा। शिक्षकों को आधुनिक मूल्यांकन तकनीकों और सीखने के परिणामों के विश्लेषण का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।

उन्हें सिखाया जाएगा कि बच्चों की पढ़ने, लिखने और बुनियादी गणना करने की क्षमता को वैज्ञानिक तरीके से कैसे मापा जाए। राजेश वशिष्ठ के अनुसार, सभी जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों को आवश्यक बुनियादी ढांचा और तकनीकी सहयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दे दिए गए हैं।

यह अध्ययन केवल एक परीक्षा नहीं बल्कि हर बच्चा निपुण बने अभियान का हिस्सा है। इसका मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि कक्षा तीन तक का प्रत्येक बच्चा बुनियादी शिक्षा में पूरी तरह दक्ष हो सके।

वर्जन

यह अध्ययन हरियाणा के बच्चों को राष्ट्रीय औसत से आगे ले जाने का एक प्रयास है। इसमें शिक्षा विभाग के सभी स्तरों, शिक्षकों और अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य होगी ताकि प्रदेश का हर बच्चा राष्ट्रीय मानकों पर खरा उतर सके।

-राजेश वशिष्ठ, जिला समन्वयक, एफएलएन, जींद।

[ad_2]