Jind News: उल्लास योजना में निरक्षरों को साक्षर बनाने में जींद ने 51.41 प्रतिशत लक्ष्य को पूरा किया haryanacircle.com

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जींद। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय की उल्लास योजना के तहत निरक्षरों को साक्षर बनाने में जिले में विभाग ने 51.41 प्रतिशत लक्ष्य को पूरा किया है। शिक्षा विभाग ने निरक्षरों को साक्षर बनाने के लिए तीन साल का टारगेट दिया था। कैथल ने 85 प्रतिशत लक्ष्य पूर कर पहले और सिरसा 26 प्रतिशत के साथ अंतिम पायदान पर है। रोहतक 81 प्रतिशत लक्ष्य पूरा करके तीसरे स्थान पर है।

नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत हरियाणा माध्यमिक निदेशालय ने वर्ष 2023 में उल्लास योजना के तहत प्रदेश के नौ लाख निरक्षरों को साक्षर बनाने का लक्ष्य रखा था।

रोहतक को तीन साल में 57,604 निरक्षरों को साक्षर बनाने का लक्ष्य मिला है। इसमें विभाग के वॉलंटियर और कर्मचारियों ने अब तक 29,618 निरक्षरों को पढ़ाकर परीक्षा में शामिल किया है जिनके साक्षर होने का प्रमाण पत्र बन चुका है। यह लक्ष्य का 51.41 प्रतिशत है।

जिलास्तर पर 36,111 निरक्षरों का पंजीकरण किया गया है। पंजीकृत निरक्षरों को प्रथम चरण के तहत गिनती और हिंदी में लिखना-पढ़ाना सिखाया गया है। निरक्षरों के लिए तीन पेपर हैं और तीनों अनिवार्य हैं। सरकार की ओर से जिले को 57604 का लक्ष्य मिला था। इसमें से 36111 का रजिस्ट्रेशन किया गया। अब 21493 लोगों को साक्षर किया जाना है।

जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिखकर एक और सर्वे करवाने को कहा गया है ताकि जो निरक्षर रह गए हैं। उनकी पहचान की जा सके।


इसके लिए सरकारी स्कूलों में चेतना केंद्र बनाए गए थे, जहां पर आसपास के शिक्षक और छात्रों को वालंटियर तौर पर शिक्षक नियुक्त किया गया था। सितंबर 2025 के दौरान हुई परीक्षा का परिणाम आना बाकी है, इसके बाद साक्षर हुए लोगों की संख्या बढ़ सकती है। -रितू पंघाल, जिला शिक्षा अधिकारी जींद

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