Jind News: पेंशन संकल्प महारैली के लिए छोटा पड़ गया स्टेडियम


Stadium became small for Pension Sankalp Maharally

11जेएनडी35 : एकलव्य स्टेडियम में सीढि़यों के साथ बनाई गई खचाखच भरी दर्शक दीर्घा। संवाद

जींद। पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर 11 फरवरी को एकलव्य स्टेडियम में हुई संकल्प महारैली में महिलाओं की भीड़ पुरुषों के बराबर रही। मांग को पूरा करवाने को लेकर कर्मचारियों में जोश है। यही कारण है कि एकलव्य स्टेडियम ही छोटा पड़ गया। कर्मचारियों की संख्या बहुत अधिक रही। इस रैली ने किसी भी राजनीतिक पार्टी की अब तक एकलव्य स्टेडियम में हुई रैली को पीछे छाेड़ दिया है। रैली को लेकर स्टेडियम में कुर्सियां नहीं लगाई गई थी, बल्कि मैट बिछाई गई थी। रैली में महिलाएं नाचती-गाती हुई पहुंच रही थीं। रैली की सफलता ने सभी राजनीतिक पार्टियों को सोचने पर मजबूर कर दिया है।

पेंशन संकल्प महारैली में प्रदेश के सभी जिलों से कर्मचारी और अधिकारी परिवार समेत पहुंचे। दूसरे जिलों से कर्मचारी बस, कार, निजी व अन्य वाहन से पहुंचे हुए थे। दिनभर सफीदों रोड पर जाम की स्थिति रही। नरवाना, हांसी, बरवाला वाली बसें शहर के बीच की बजाय बाईपास से बस अड्डे तक पहुंची।

प्रदेश से पहुंचे कर्मचारियों ने पेंशन बहाली संघर्ष समिति के बैनर तले प्रदेशाध्यक्ष विजेंदर धारीवाल के नेतृत्व में पेंशन बहाली की आवाज को बुलंद किया। प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र धारीवाल और वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनूप लाठर, ऋषि नैन ने कहा कि कर्मचारी इससे पहले भी संघर्ष समिति के बैनर तले लगातार धरना-प्रदर्शन, भूख हड़ताल, विरोध-प्रदर्शन कर चुके हैं। धारीवाल ने कहा कि सरकार दमनकारी और तानाशाही नीति अपनाकर कर्मचारियों को उनके सांविधानिक हक से वंचित रख रही है। हरियाणा का कर्मचारी ये शोषण कभी सहन नहीं करेगा और अपने हक के लिए वोट की चोट के लिए भी तैयार हैं।

नाचते-गाते रैली में पहुंची महिलाएं

रैली में सुबह 11 बजे ही लोग आने शुरू हो गए थे। महिलाएं नाचते-गाते हुए रैली में पहुंच रही थीं। दूसरे जिलों से आने वाली महिलाएं अपने वाहनों से उतरकर रैली स्थल तक ढोल-नगाड़े लेकर पहुंचीं। बार-बार सरकार से ओपीएस बहाली की मांग कर रही थीं। मंच से भी कर्मचारी नेताओं ने कहा कि यह पहली रैली है, जिसमें महिलाओं की संख्या इतनी अधिक है।

पुलिस ने भी किए थे सुरक्षा के इंतजाम

पुलिस ने भी रैली को देखते हुए जाम नहीं लगे, इसके लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। सफीदों रोड पर वाहनों को खाली पड़े मैदान में पार्क करवाया जा रहा था। सफीदों पर जाम नहीं लगे इसके लिए नाके लगाए गए थे। सुरक्षा कारणों से भी पुलिस गश्त कर रही थी।

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