हरियाणा कैडर के आईएएस ने साल 2025 की अपनी अचल संपत्तियों का ब्योरा केंद्र सरकार को सौंप दिया है। हर साल की तरह इस बार भी अधिकारियों ने एक जनवरी 2026 की स्थिति के अनुसार अपनी संपत्तियों की जानकारी दी है। इसमें कृषि भूमि, आवासीय फ्लैट, भूखंड और व्यावसायिक संपत्तियों का विवरण शामिल है।
सामने आए आंकड़ों से पता चलता है कि प्रदेश के कई वरिष्ठ अधिकारियों के पास करोड़ों रुपये की संपत्ति है, इन संपत्तियों से हरियाणा के आईएएस लाखों रुपये किराया भी कमा रहे हैं। अधिकतर आईएएस की संपत्तियां मोहाली, गुरुग्राम व पंचकूला में हैं।
हरियाणा के कुछ ऐसे भी आईएएस हैं, जिनका संपत्ति ब्यौरा सार्वजनिक नहीं हुआ है। इनमें मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी भी शामिल हैं। कई ऐसे भी हैं, जिन्होंने अपनी संपत्तियों का वर्तमान मूल्य भी नहीं दर्शाया है। 2024 व 2025 के कुल 11 आईएएस ऐसे हैं, जिनके पास कोई संपत्ति नहीं है।
केंद्र सरकार ने बीते दिसंबर सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर सभी आईएएस से 31 जनवरी तक अपनी संपत्तियों का विवरण देने के निर्देश दिए थे। साथ ही यह भी निर्देश दिया था कि जो आईएएस अपनी संपत्ति का उल्लेख नहीं करेंगे, उन्हें अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही पदोन्नति पर भी फर्क पड़ सकता है।