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लारवा के बारे में लोगों को जागरूक करते स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी जीतराम, दीपक व अन्य।
हांसी। सावन के महीने में हुई बारिश व बूंदाबांदी के बाद शहर में मच्छरों के लारवा के केस सामने आने लगे हैं। वहीं नगर परिषद प्रशासन ने अब तक फॉगिंग शुरू नहीं की है। वहीं बढ़ते हुए लारवा के केसों ने स्वास्थ्य विभाग के लिए चिंता बढ़ा दी है।
बीते एक महीने में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने 12154 घरों में बाल्टी में एकत्र हो रहे पानी, टंकियों में भरे पानी, कूलर में भरे हुए पानी, नालियों की स्थिति देखी। सबसे ज्यादा लारवा पानी वाली टंकी में मिला। कुल 56 घरों में लारवा मिला है। इस लारवे को नष्ट करने के अलावा वहां के मालिकों को विभाग ने नोटिस भी जारी कर दिया है, लेकिन लारवा मिलने के साथ डेंगू-मलेरिया होने की पुष्टि कहीं नहीं हुई। प्रशासन ने लारवा पर संज्ञान नहीं लिया है। क्योंकि अभी तक फॉगिंग शुरू नहीं की गई है। वहीं बारिश के बाद से मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ने लग गया।
तीन कर्मचारियों की ड्यूटी चुनाव में
नागरिक अस्पताल प्रशासन ने लारवा की जांच के लिए तीन सदस्य टीम बनाई हुई है। इन तीनों कर्मचारियों की बीएलओ की ड्यूटी लगी हुई है। चुनावी दिनों में तीनों कर्मचारी मतदाता सूची से संबंधित काम भी कर रहे हैं। इससे लारवा की जांच भी प्रभावित हो रही है। क्योंकि इन दिनों में ही डेंगू व मलेरिया के मरीज सबसे ज्यादा मिलते हैं।
फॉगिंग जल्दी ही शुरू करवा देंगे। इसके लिए हमने दवा भी मंगवा रही है। – प्रवीन ऐलावादी, चेयरमैन, नगर परिषद
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Hisar News: 56 जगह पर मिला लारवा, अभी तक नहीं मिले डेंगू व मलेरिया के मरीज



