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हिसार। लांधड़ी-चिकनवास टोल प्लाजा पर किसानों के जाम के चलते शनिवार को हिसार-सिरसा नेशनल हाईवे पर रोडवेज संचालन प्रभावित रहा। जाम की सूचना के बाद कई रोडवेज चालकों ने बसों को हाईवे पर ही रोक दिया जिससे यात्री करीब दो घंटे तक बसों में फंसे रहे।
स्थिति के चलते 40 से अधिक रोडवेज बसों को वैकल्पिक मार्ग अपनाने पड़े। हालांकि, डायवर्ट रूट के लिए स्पष्ट निर्देश न मिलने से अन्य जिलों से आई बसों के चालक असमंजस में रहे। बरवाला-अग्रोहा मार्ग से जाने पर अतिरिक्त टोल और 30 से 35 किलोमीटर लंबा चक्कर पड़ने के कारण कई चालकों ने बसें हाईवे पर ही खड़ी कर दीं। इस दौरान यात्रियों को सड़क पर ही इंतजार करना पड़ा।
पुलिस ने लगाए डायवर्जन
यातायात को सुचारु रखने के लिए पुलिस ने अग्रोहा चौक और ढंढूर के पास नाके लगाकर वाहनों को बरवाला व अन्य ग्रामीण मार्गों से डायवर्ट किया। निजी वाहन भी गांवों के रास्तों से निकाले गए। वाहन चालकों को बरवाला होते हुए अग्रोहा के लिए भेजा जा रहा था।
9.5 लाख राजस्व नुकसान का दावा
टोल कंपनियों ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी को भेजी रिपोर्ट में दावा किया कि शनिवार को सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक टोल संचालन प्रभावित रहने से मय्यड़-रामायण टोल पर लगभग 5 लाख रुपये और लांधड़ी टोल पर करीब 4.5 लाख रुपये का राजस्व नुकसान हुआ। कंपनियों ने नुकसान की भरपाई की मांग की है।
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Hisar News: हाईवे जाम से रोडवेज बसें रुकीं, यात्री दिखे बेबस, किसानों के प्रदर्शन के चलते 40 से अधिक बसों का संचालन प्रभावित




