हिसार। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) में आयोजित दो दिवसीय खरीफ कृषि मेले में हरियाणा, राजस्थान, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश सहित छह राज्यों के 1 लाख 7 हजार से अधिक किसानों ने भाग लिया। मेले के दौरान किसानों ने उन्नत किस्म के बीज, आधुनिक कृषि तकनीक, सिंचाई यंत्र और कृषि मशीनरी की जानकारी हासिल की। इस दौरान 41 लाख 23 हजार 820 रुपये के बीज, कृषि साहित्य व अन्य उत्पादों की बिक्री हुई।
विस्तार शिक्षा निदेशक डॉ. रमेश यादव ने बताया कि मेले में किसानों ने करीब 39 लाख 20 हजार रुपये के खरीफ फसलों के प्रमाणित बीज खरीदे। इसके अलावा 61 हजार 500 रुपये के फलदार पौधे और सब्जियों के बीज भी किसानों ने खरीदे। किसानों ने 74 हजार 170 रुपये के जैव उर्वरक तथा 35 हजार रुपये का कृषि साहित्य भी खरीदा।
मेले के दौरान मिट्टी व पानी जांच सेवा का लाभ उठाते हुए किसानों ने 435 नमूनों की जांच करवाई। इसके अलावा 28 हजार 800 रुपये के टिश्यू कल्चर प्लांट भी बेचे गए। साथ ही सब्जी वर्गीय फसलों की 25 हजार से अधिक गुणवत्तापूर्ण पौध की बिक्री की गई।
संयुक्त निदेशक विस्तार डॉ. सुनील ढांडा ने बताया कि मेले में लगाई गई कृषि-औद्योगिक प्रदर्शनी किसानों के आकर्षण का विशेष केंद्र रही। इस प्रदर्शनी में कुल 250 स्टॉल लगाए गए थे। मेले के अंतिम दिन बीज बिक्री केंद्रों और स्टॉलों पर किसानों की भारी भीड़ देखने को मिली। मेले के दौरान आयोजित प्रश्नोत्तरी सत्र में किसानों और वैज्ञानिकों के बीच संवाद हुआ। इस दौरान कृषि क्षेत्र में उद्यमिता को बढ़ावा देने के विभिन्न पहलुओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई।