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हिसार। सड़क-ओवरब्रिज निर्माण के एक ठेकेदार ने फर्म मालिक पर फर्जी बिल व वजन पर्ची तैयार कर 20.72 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। ठेकेदार ने इस बारे में पुलिस अधीक्षक से शिकायत की। इसके बाद एसपी के आदेश पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने मुनीष मेहता के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
ठेकेदार महेंद्र सिंह ने बताया कि वह सिविल वर्क का ठेका लेता है। वर्ष 2024 में फर्म के कार्य के लिए बेस ऑयल खरीदने के लिए मुनीष मेहता से संपर्क किया। बेस ऑयल का रेट तय होने उपरांत उससे खरीदना तय हुआ। 17 मई 2024 को मुनीष मेहता बिल और वजन पर्ची भेजी और कहा कि 20,72,269 रुपये का भुगतान किया जाए। बिल और वजन पर्ची देखने के बाद फर्म को आरटीजीएस के माध्यम से पेमेंट कर दी। इसके बाद जब मुनीष मेहता से संपर्क किया तो उसने कोई का जवाब नहीं दिया। इसके बाद आरोपी ने न माल भेजा न ही रुपये वापस लिए। जीएसटी की मासिक रिपोर्ट में देखी तो बिल जीएसटी पोर्टल पर नहीं था। आरोपी ने फर्जी जीएसटी बिल और फर्जी वजन पर्ची तैयार कर 20,72,269 रुपये ऐंठ लिए। जांच अधिकारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि शिकायत के आधार नामजद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ब्यूरो
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Hisar News: फर्जी बिल तैयार कर हड़पे 20.72 लाख रुपये, प्राथमिकी दर्ज


