Hisar News: दो मार्ग चौड़े करने के लिए दादरी में काटेंगे 3200 पेड़, फरीदाबाद में बढ़ाई जाएगी हरियाली


3200 trees will be cut in Dadri

दादरी-रोहतक मुख्यमार्ग। 

चरखी दादरी। जिले में रोहतक रोड व कनीना रोड की चौड़ाई बढ़ाने के लिए 3200 हरे पेड़ काटे जाएंगे। कनीना रोड के लिए वन विभाग की ओर से एनओसी मिल चुकी है। ये पेड़ काटने के बदले में विभाग की ओर से फरीदाबाद में हरियाली बढ़ाई जाएगी। दोनों सड़क परियोजनाओं पर 100 करोड़ से अधिक का बजट खर्च होगा।

सरकार की ओर से तकरीबन सभी पुराने मार्गों को चौड़ा किया जा रहा है। जो मार्ग पहले 12 फीट थे उनकी चौड़ाई बढ़ाकर 18 की जा रही है। 18 वाले मार्गों को 24 फीट चौड़ा किया जा रहा है। ऐसे में हजारों की संख्या में हरे पेड़ मजबूरीवश काटने पड़ रहे हैं। इनके बदल पौधरोपण किया जाता है। जिले में चरखी दादरी से रोहतक व दादरी से कनीना रोड को चौड़ा किया जाना है। इसके लिए कुल 3200 हरे पेड़ कटने हैं। वन विभाग एवं प्रदूषण नियंत्रण का नियम है कि एक हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र में पेड़ कटने पर बदले में पेड़ कटाई की वेल्यू व जमीन देनी होती है। अब विभाग ने फरीदाबाद में यह जमीन उपलब्ध करवाई है, ताकि यहां पौधरोपण कर उतने ही पौधे लगाए जा सकें। इसके लिए खर्च का भुगतान भी किया जाएगा। अब जल्द ही विभाग की ओर से अगली प्रक्रिया शुरू की जानी है।

प्रतिदिन गुजरने वाले 18000 वाहनों चालकों को मिलेगी राहत

रोहतक रोड पर दादरी शहर के बाहरी क्षेत्र में स्थित रावलधी चौक से लेकर बौंदकलां नहर तक सड़क की चौड़ाई बढ़ाई जाएगी। इस पर 55 करोड़ की लागत आने की संभावना है। मार्ग से प्रतिदिन गुजरने वाले दस हजार वाहन चालकों को राहत मिलेगी। दादरी-कनीना रोड को भी चौड़ा करने की योजना है। इसके निर्माण पर भी 50 करोड़ से अधिक की लागत आने का अनुमान है। ये दादरी का रेवाड़ी से जुड़ाव करने वाला एकमात्र मुख्यमार्ग है। यहां से प्रतिदिन आठ हजार से अधिक वाहन चालक आवागमन करते हैं।

वन विभाग की टीम कर चुकी है सर्वे

दादरी-रोहतक रोड पर बौंदकलां तक कुल 2849 पेड़ कटेंगे। इनमें 1724 बड़े पेड़ हैं जबकि 1125 छोटे पेड़ हैं। इस मार्ग का सर्वे वन विभाग की टीम कर चुकी है। इसी प्रकार दादरी-कनीना रोड पर 250 बड़े और 100 छोटे पेड़ काटे जाएंगे। यहां पेड़ कटाई की एनओसी भी मिल चुकी है। इस प्रकार से दोनों मुख्य मार्गाें पर 3199 पेड़ कटने प्रस्तावित हैं।

पौधरोपण के बाद 45 प्रतिशत ही बने पाते हैं पेड़

वन विभाग जिले में हर साल करीब तीन लाख पौधे लगाता है, जिनमें से मुश्किल से 45 प्रतिशत ही पेड़ बन जाते हैं। पौधरोपण की शुरुआत में ही पौधे कभी भीषण गर्मी में सूखे की चपेट में आ जाते हैं, तो कभी ठंड एवं पाले का शिकार हो जाते हैं। रखवाली एवं देखरेख के अभाव में लावारिश पशु भी नुकसान पहुंचाते हैं।

दोनों मार्गों से 3200 हरे पेड़ कटने हैं। इनके बदल फरीदाबाद में जमीन दी गई है। कनीना रोड के लिए एनओसी मिल चुकी है। जल्द ही विभाग अगली प्रक्रिया शुरू करेगा। – हेमंत, आरएफओ, वन विभाग

.


What do you think?

Jalandhar News: संदीप नंगल अंबिया हत्याकांड में शामिल दो शूटर हत्थे चढ़े, दो पिस्तौल और पांच कारतूस बरामद

Hisar News: फीस बढ़ोतरी के विरोध में आईआईवीईआर के विद्यार्थी धरने पर डटे