Haryana Police Investigation App: हरियाणा पुलिस जांच एप देश में तीसरे स्थान पर, आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने की तारीफ  


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 25 Jun 2022 12:26 PM IST

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अनुसंधान में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करने पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक बार फिर हरियाणा पुलिस को सराहा है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) और सीपीएफ द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित ‘सीसीटीएनएस हैकथॉन और साइबर चैलेंज 2022′ में ‘हरियाणा पुलिस जांच एप‘ ने देशभर में तीसरा स्थान हासिल किया है।

पुलिस विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि यह एप जो जांच अधिकारियों को किसी भी स्थान से डिजिटल रूप से प्राथमिकी दर्ज करने के लिए एक मंच प्रदान करने पर केंद्रित है। यह आईपीएस निकिता गहलोत द्वारा डिजाइन की गई है, जो वर्तमान में एसपी हांसी के पद पर तैनात हैं। डीजीपी हरियाणा प्रशांत कुमार अग्रवाल ने एसपी हांसी निकिता गहलोत और उनकी समस्त टीम को राष्ट्रीय स्तर पर यह सम्मान मिलने पर बधाई दी है।

यह मोबाइल एप पीड़ितों को एफआईआर की एक प्रति प्रदान करने का विकल्प, वॉयस-टू-टेक्स्ट टाइपिंग सुविधा, तस्वीरें अपलोड करने की सुविधा, भौगोलिक स्थान कैप्चर आदि जैसी उन्नत सुविधाओं से लैस है। इसके माध्यम से मामलों की बेहतर पैरवी और आरोपी को सजा दिलवाने में भी मदद मिल सकेगी। इसके अतिरिक्त प्रत्येक जांच अधिकारी को भविष्य के रेफरेंस के लिए अपनी केस डायरी का डिजिटल रिकॉर्ड रखने में भी मदद मिल सकेगी। इससे मौके पर सभी दस्तावेज डिजिटल फॉर्म में तैयार किए जा सकेंगे, जिससे पुलिस में पारदर्शिता और विश्वसनीयता भी बढ़ सकेगी।

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अनुसंधान में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करने पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक बार फिर हरियाणा पुलिस को सराहा है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) और सीपीएफ द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित ‘सीसीटीएनएस हैकथॉन और साइबर चैलेंज 2022′ में ‘हरियाणा पुलिस जांच एप‘ ने देशभर में तीसरा स्थान हासिल किया है।

पुलिस विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि यह एप जो जांच अधिकारियों को किसी भी स्थान से डिजिटल रूप से प्राथमिकी दर्ज करने के लिए एक मंच प्रदान करने पर केंद्रित है। यह आईपीएस निकिता गहलोत द्वारा डिजाइन की गई है, जो वर्तमान में एसपी हांसी के पद पर तैनात हैं। डीजीपी हरियाणा प्रशांत कुमार अग्रवाल ने एसपी हांसी निकिता गहलोत और उनकी समस्त टीम को राष्ट्रीय स्तर पर यह सम्मान मिलने पर बधाई दी है।

यह मोबाइल एप पीड़ितों को एफआईआर की एक प्रति प्रदान करने का विकल्प, वॉयस-टू-टेक्स्ट टाइपिंग सुविधा, तस्वीरें अपलोड करने की सुविधा, भौगोलिक स्थान कैप्चर आदि जैसी उन्नत सुविधाओं से लैस है। इसके माध्यम से मामलों की बेहतर पैरवी और आरोपी को सजा दिलवाने में भी मदद मिल सकेगी। इसके अतिरिक्त प्रत्येक जांच अधिकारी को भविष्य के रेफरेंस के लिए अपनी केस डायरी का डिजिटल रिकॉर्ड रखने में भी मदद मिल सकेगी। इससे मौके पर सभी दस्तावेज डिजिटल फॉर्म में तैयार किए जा सकेंगे, जिससे पुलिस में पारदर्शिता और विश्वसनीयता भी बढ़ सकेगी।

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