Haryana Board Exam Tips: बॉयोलॉजी में लगता है डर, तो इन आसान तरीकों से करें तैयारी और कर जाएं टॉप Haryana News & Updates

[ad_1]

Last Updated:

हरियाणा बोर्ड के एग्जाम में जहां बायोलॉजी बच्चों के लिए डर बन जाती है. वहीं फरीदाबाद के एक सरकारी स्कूल में बच्चे फुल मार्क्स ला रहे हैं. टीचर पवन कुमार का फॉर्मूला…पिछले सालों के पेपर, साफ डायग्राम, पॉइंट्स में उत्तर और नियमित टेस्ट. सही तरीका अपनाओ, बायोलॉजी खुद आसान हो जाएगी.

फरीदाबाद: हरियाणा बोर्ड के एग्जाम आते ही बच्चों की टेंशन बढ़ जाती है. खासकर साइंस के बच्चों में बायोलॉजी का नाम सुनते ही डर बैठ जाता है. कोई कहता है पढ़ते तो हैं, लेकिन याद नहीं रहता. किसी को डायग्राम समझ नहीं आते तो कुछ बच्चे लम्बे सवाल देखकर घबरा जाते हैं. फिर क्या मेहनत के बाद भी नंबर कम आ जाते हैं या कई बार फेल भी हो जाते हैं.

बायोलॉजी मुश्किल नहीं

लेकिन फरीदाबाद के एक सरकारी स्कूल में कहानी कुछ और है. यहां के बच्चे बायोलॉजी से डरते नहीं बल्कि अच्छे नंबर लाते हैं. कई बार तो फुल मार्क्स भी ले आते हैं. बायोलॉजी के टीचर पवन कुमार ने Local18 से बात करते हुए बताया कि पिछले साल स्कूल का रिजल्ट 100 प्रतिशत रहा. उनका साफ कहना है बायोलॉजी मुश्किल नहीं बस पढ़ने का तरीका सही होना चाहिए.

बायोलॉजी में डायग्राम सबसे जरूरी

वो बच्चों को हर साल पिछले 5 साल के बोर्ड पेपर बार-बार हल करवाते हैं. इससे बच्चों को समझ आ जाता है कि बोर्ड कैसे सवाल पूछता है. आधे से ज्यादा सवाल तो उन्हीं पैटर्न से आ जाते हैं. पवन कुमार कहते हैं सिर्फ किताबें पढ़ने से काम नहीं चलता. बायोलॉजी में डायग्राम सबसे जरूरी हैं. बड़े सवालों के जवाब पॉइंट्स में लिखवाते हैं जिससे कॉपी साफ-सुथरी दिखती है और एग्जामिनर को भी समझ आता है कि बच्चा टॉपिक जानता है. कई चैप्टर फ्लो चार्ट से समझाते हैं ताकि बच्चा पूरी प्रक्रिया दिमाग में बैठा सके. डायग्राम पर सबसे ज्यादा फोकस रहता है क्योंकि एग्जाम में उनसे जुड़े सवाल आते ही आते हैं.

स्कूल में हर दो महीने बाद सेट एग्जाम होते हैं जिससे बच्चों को बोर्ड जैसी प्रैक्टिस मिलती है और उनकी लिखने की स्पीड भी बनती है. हर चैप्टर के बाद क्लास टेस्ट लेते हैं जिससे तुरंत पता चल जाता है कि कौन सा बच्चा पीछे है. फिर उसी पर अलग से ध्यान देते हैं दोबारा समझाते हैं लिखवाते हैं. पवन कुमार का कहना है अगर समय रहते कमजोरी पकड़ लो तो कोई बच्चा फेल नहीं होता.

बायोलॉजी का पेपर 100 नंबर का होता है

बायोलॉजी का पेपर 100 नंबर का होता है 70 नंबर थ्योरी, 30 नंबर प्रैक्टिकल. प्रैक्टिकल को भी हल्के में नहीं लेते. बच्चे लैब में बार-बार एक्सपेरिमेंट करते हैं जिससे सिर्फ रटकर नहीं बल्कि समझकर लिखते हैं.

इस समय 12वीं साइंस में 22 छात्र हैं और उम्मीद है कि इस बार भी रिजल्ट 100 प्रतिशत रहेगा. पवन कुमार कहते हैं…हम शुरुआत से ही बच्चों पर ध्यान देते हैं इसलिए आखिरी समय में भागदौड़ नहीं करनी पड़ती. उनका फॉर्मूला सीधा है पुराने पेपर, डायग्राम, पॉइंट्स में उत्तर और नियमित टेस्ट. बस यही है सफलता की गारंटी.

About the Author

Vivek Kumar

विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें

[ad_2]