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एमए करने के बाद रेलवे में नौकरी के लिए तैयारी कर रहे महम के नजदीक गांव इमलीगढ़ निवासी साहिल (22) की शनिवार शाम को हुए सड़क हादसे में मौत हो गई। वे स्कूटी पर सवार होकर रोहतक से घर जा रहे थे।
जब वह बहुअकबरपुर गांव के नजदीक पहुंचे तो स्कूटी के सामने पशु आ गया। इस पर उन्होंने ब्रेक लगाया तो स्कूटी का संतुलन बिगड़ गया। वह सड़क पर गिर गए। हेलमेट पहना होने के बाद भी सिर में चोट लगने से उनकी मौत हो गई।
इमलीगढ़ गांव निवासी सुरेंद्र ने बताया कि उसके दो बेटे हैं। बड़ा बेटा साहिल एमए करने के बाद रेलवे में नौकरी के लिए तैयारी कर रहा था। इसके लिए वह एमडीयू स्थित लाइब्रेरी में पढ़ने के लिए जाता था। शनिवार को बोला कि उसे किताब लेकर आनी है। इसके लिए वह दोस्त की स्कूटी लेकर महम से रोहतक चला गया। शाम करीब साढ़े छह बजे उनके दूसरे बेटे शुभम ने बताया कि घर लौटते समय साहिल बहुअकबरपुर गांव के नजदीक सड़क हादसे में घायल हो गए हैं। राहगीर उन्हें पीजीआई के ट्रामा सेंटर लेकर गए जहां पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सामने पशु आने से साहिल ने ब्रेक लगाया तो स्कूटी का संतुलन बिगड़ गया। वह सड़क पर गिर गए। हेलमेट पहना होने के बाद भी कनपटी के पास से सिर सड़क से टकरा गया। इससे उनकी मौत हो गई। पीजीआई के डेड हाउस पहुंचे एमडीयू की छात्रा कीर्ति, वर्षा, भारत व कशिश ने बताया कि साहिल मिलनसार स्वभाव के थे। एमडीयू की लाइब्रेरी में सभी साथ पढ़ते थे। अक्सर दूसरे साथियों की वह किताब देकर सहायता करते थे। उनके अचानक चले जाने से वो आहत हैं। परिजनों को सांत्वना देने व साथी को अंतिम बार देखने के लिए पीजीआई के डेड हाउस आए हैं।
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Haryana: सामने पशु आने से स्कूटी का संतुलन बिगड़ा, हेलमेट भी नहीं बचा सका युवक की जान




