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किसान संगठनों ने गेहूं खरीद के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन और ट्रैक्टर की नंबर प्लेट संबंधी नियमों के खिलाफ प्रदर्शन करने का एलान किया है। किसान नेताओं ने प्रदेशभर के टोल प्लाजा पर चार घंटे तक प्रदर्शन और हाईवे जाम की चेतावनी दे रखी है। किसान एसोसिएशन का कहना है कि इस प्रदर्शन में आढ़तियों और मजदूर संगठनों का भी समर्थन मिलेगा।
बता दें कि, मंडियों में सर्वर धीमा होने के कारण किसानों को बायोमेट्रिक सत्यापन में समस्या का सामना करना पड़ा। हालांकि यदि किसी किसान का फिंगरप्रिंट मशीन में नहीं आता है तो आंखों की स्कैनिंग की सुविधा दी गई है। इसके बाद भी समस्या आने पर कमेटी द्वारा मैनुअल अनुमति दी जाएगी। वहीं अधिकारी लस्टर लोस की टीम के आने के बाद आगामी आदेश का इंतजार कर रहे हैं कि किस नियम के तहत फसल खरीद करनी है वह स्पष्ट हो सके।
75 हजार रुपये प्रति एकड़ ठेके पर ली थी जमीन
वहीं, शुक्रवार को सिरसा के गांव मीरपुर में 26 एकड़ गेहूं की फसल आग लगने से पूरी तरह नष्ट हो गई। प्रभावित किसान वीरेंद्र कुमार, ललित मोहन और अमित चंद का आरोप है कि शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे रेलवे ट्रैक से गुजर रही ट्रेन से किसी व्यक्ति द्वारा बीड़ी या जलती वस्तु फेंकने के कारण आग लगी। तेज हवा के चलते आग तेजी से खेतों में फैल गई और देखते ही देखते पकी फसल को चपेट में ले लिया।
सूचना के बाद दमकल की पांच गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और किसानों के सहयोग से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया लेकिन तब तक 26 एकड़ फसल जलकर राख हो चुकी थी। महिलाओं ने बताया कि यह जमीन उन्होंने 75 हजार रुपये प्रति एकड़ ठेके पर ली थी। चार एकड़ फसल ही बच पाई है। उन्होंने सरकार से आर्थिक मदद की गुहार लगाई है।
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Haryana: खरीद नियमों के खिलाफ किसान नेता 4 घंटे करेंगे हाईवे जाम, सिरसा में आग से 26 एकड़ में गेहूं की फसल जली



