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सेक्टर-74 से 79 तक की सोसाइटियों के लिए पेयजल लाइन नहीं होने से निवासी परेशान
पूनम
गुरुग्राम। नए गुरुग्राम में सेक्टर-74 से 79 तक की सोसाइटियों के लोग पेयजल की लाइन को लेकर निराश हो चुके हैं। लोगों कहते हैं कि शायद अब अगली पीढ़ी को सरकारी नहरी पानी मिले। जीएमडीए ने इन सेक्टरों में पेयजल की लाइन नहीं बिछाई और करीब डेढ़ दशक पहले से लोगों को बसाना शुरू कर दिया। 10 सालों से 20 हजार से ज्यादा लोग पेयजल की लाइन की प्रतीक्षा कर रहे हैं। सेक्टर-75 से लेकर 79 तक करीब 25 सोसाइटियों के निवासी टैंकर या बोरवेल के भरोसे हैं।
सेक्टर-75 से 79 तक पेयजल की लाइन के रास्ते में 100 मीटर का पैच में कानूनी विवाद होने के कारण लाइन पूरी नहीं की जा रही है। लोगों की शिकायत है कि सोसाइटियों को बसाने के पहले सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित क्यों नहीं किया। पिछले दिनों जीएमडीए ने सेक्टर-76 से 80 तक मास्टर स्टॉर्म ड्रेन निर्माण का कार्य एजेंसी को सौंपा है, जिसे 30 महीने में ढाई साल में पूरा होना है मगर पेयजल की लाइन का कहीं जिक्र नहीं है। सेक्टर-75 से 79 तक की सोसाइटियों और गांवों को जलापूर्ति के लिए सेक्टर-72 में बूस्टिंग बनाया गया था। यह बूस्टिंग स्टेशन बना हुआ है मगर पेयजल की लाइन से नहीं जोड़े जाने के कारण इसे चालू नहीं किया गया है।
वर्जन
हमारी सोसाइटी में रहने वाले 610 परिवार के लिए 15 सालों में पेयजल की लाइन नहीं बिछी। बागवानी और फ्लश में प्रयोग के बाद बचा हुआ पानी टैंकरों से फेंकवाने में सालाना 30 लाख रुपये खर्च हो रहे हैं। टैंकर से पानी खरीदना पड़ता है।- कपिल गौड़, आरडब्ल्यूए अध्यक्ष, मानसून ब्रिज, सेक्टर-78
वर्ष 2022 से सोसाइटी में लोग रह रहे हैं। पेयजल, सीवेज, ड्रेनेज लाइन नहीं है। सोसाइटी में 800 परिवार रहते हैं। आस-पास की सोसाइटियों को जोड़ लें तो करीब 4000 परिवार हैं, जिनके लिए जीएमडीए की पाइपलाइन नहीं है।- रघु तिवारी, पूर्व आरडब्ल्यूए महासचिव, मैप्सको माउंटविले, सेक्टर-79
सरकार को 62 करोड़ रुपये ईडीसी के तौर पर दी है। 10 एकड़ की सोसाइटी में 2000 परिवार रहते हैं। यहां हमारे गांव से बदतर स्थिति है। हमें अपने लिए पानी, सीवेज के शोधन, ड्रेनेज जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर की व्यवस्था खुद करनी पड़ती है। 2017 से हमलोग यहां रह रहे हैं। – अमित मुद्गिल, आरडब्ल्यूए अध्यक्ष, पाम हिल्स, सेक्टर-77
हमें उम्मीद नहीं है कि हमारी पीढ़ी को सरकार पेयजल लाइन उपलब्ध कराएगी। उमंग विंटर हिल्स में 700 परिवार रहते हैं। बोरवेल का पानी कैसा है, इसे प्रशासन को कोई मतलब नहीं। न हमारे पास पानी की लाइन है, न सीवेज की लाइन है और न ड्रेनेज की लाइन है। – जसप्रीत सिंह, उमंग विंटर हिल्स, सेक्टर-77
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Gurugram News: 10 सालों से 20 हजार से ज्यादा लोग कर रहे पेयजल की लाइन की प्रतीक्षा


