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-विश्व होम्योपैथिक दिवस पर उपमंडल के गांव खोरीकला में हुआ आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
तावड़ू। उपमंडल के गांव खोरी कला में शुक्रवार 10 अप्रैल को विश्व होम्योपैथी दिवस के अवसर पर जिला आयुष अधिकारी डा. यशवीर गहलावत की अगुवाई में विशेष शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में कुल विभिन्न बीमारियों से पीड़ित 362 मरीजों ने हिस्सा लिया।
बता दें कि स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता के चलते अब चिकित्सा पद्धतियों के लिए लोगों की सोच में अच्छा बदलाव आने लगा है। अब लोग एलोपैथिक दवाओं के मुकाबले होम्योपैथी चिकित्सा पर ज्यादा विश्वास करने लगे हैं,जिससे अब लोगों का रुझान भी बढ़ रहा है। मरीज भी अब मानने लगे हैं कि लंबे समय तक चलने वाली बीमारियों में यह पद्धति कारगर साबित होने के साथ-साथ इसके दुष्प्रभाव भी ना के बराबर हैं। विशेष कर एलर्जी, पुराने नजले,डायबिटीज और पथरी जैसी समस्याओं से जूझ रहे लोग अब होम्योपैथिक को चुन रहे हैं।
बता दे कि होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति के जन्मदाता डॉ. क्रिश्चियन फ्रेडरिक सैंमुअल का जन्म दिवस पर खोरी कला प्राथमिक विद्यालय में शिविर आयोजित किया गया। शिविर में विशेष रूप से हाइपरटेंशन के 32 मरीज,मधुमेह के 28 मरीज और 60 युवाओं और महिलाओं को योग अभ्यास का प्रशिक्षण दिया गया। आयुष चिकित्सक डा. अनीता राठी के अगुवाई में यह शिविर आयोजित किया गया। जिसका उद्घाटन जिला आयुष अधिकारी डा. यशवीर गहलावत और खोरी कला सरपंच शालिनी द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। खोरी कला में आयोजित निशुल्क शिविर में मांडीखेड़ा नागरिक अस्पताल से डा.अरुण शर्मा,डा. नाजीब इकबाल, डा. विकास यादव,डा राधेश्याम,डा. समून खान,डा. रामावतार शर्मा, डा. शकील अहमद,डा. जय कृष्ण और सोहेल खान व मुकेश आदि ने अपनी सेवाएं दी।
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Gurugram News: शिविर में 362 विभिन्न बीमारियों से पीड़ित मरीजों की जांच


