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– सीएससी में बनाए जा रहे फर्जी तरीके से जन्म प्रमाण पत्र, वसूली जा रही मोटी रकम
संवाद न्यूज एजेंसी
पुन्हाना। वृद्धावस्था पेंशन बंद होने से परेशान बुजुर्गों की मुश्किलें अब और बढ़ गई हैं। परिवार पहचान पत्र व अन्य दस्तावेजों में उम्र को लेकर मामूली त्रुटियों के चलते काफी बुजुर्गों की पेंशन कई माह से बंद हैं। हालात यह हैं कि पेंशन दोबारा शुरू कराने के लिए गांवों में खुले कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) संचालकों की शरण लेनी पड़ रही है, जहां फर्जी तरीके से जन्म प्रमाण पत्र तैयार कर भारी रकम वसूली जा रही है।
वोटर आईडी कार्ड के मुताबिक कई बुजुर्ग पेंशन के पात्र हैं लेकिन परिवार पहचान पत्र में कम उम्र है। जिससे विभागीय सिस्टम उन्हें अपात्र दिखाता है। पेंशन पुनः शुरू कराने के लिए सही उम्र का प्रमाण पत्र मांगा जाता है। इसी परेशानी का फायदा उठाते हुए कुछ सीएससी संचालक हजारों रुपये लेकर मनमर्जी की तारीख डालकर जन्म प्रमाण पत्र जारी कर रहे हैं। इन प्रमाण पत्रों पर लगाए गए क्यूआर कोड में भी कोई जानकारी नहीं मिलती। स्कैन करने पर न तो जन्म तिथि का रिकॉर्ड दिखाई देता है और न ही किसी सरकारी पोर्टल से लिंक मिलता है।
नाम न छापने की शर्त पर एक बुजुर्ग ने बताया पिछले काफी समय से यह खेल चल रहा है। पेंशन बहाल कराने की मजबूरी में वृद्धजन अपनी जमा-पूंजी तक खर्च कर रहे हैं, लेकिन विभागीय जांच में इन प्रमाण पत्रों के अमान्य पाए जाने का खतरा भी बना रहता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासनिक अनदेखी के चलते फर्जीवाड़ा फल-फूल रहा है। ग्रामिणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि वृद्धावस्था पेंशन बंद होने के असल कारणों की जांच हो।
विभाग के पास ऐसी कोई शिकायत नहीं आई है। फर्जी जन्म प्रमाण से संबंधित किसी प्रकार की शिकायत आएगी तो इसकी जांच कराकर कार्यवाही की जाएगी। -सरबजीत थापर, सीएमओ नूंह
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Gurugram News: पेंशन बहाली के लिए बुजुर्गों के बनाए जा रहे फर्जी जन्म प्रमाण पत्र

