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विकास और सफाई के नाम पर तय बजट पर पूरा नहीं हुआ है खर्च, कागजों में ही रही योजना
मयंक तिवारी
गुरुग्राम। समस्याओं के समाधान के लिए नगर निगम गुरुग्राम ने तय बजट से 100 करोड़ रुपये अधिक खर्च किए फिर भी दिक्कतें बरकरार हैं। बीते वित्तीय वर्ष में 1449 करोड़ रुपये खर्च किया जाना था मगर 31 मार्च तक 1567 करोड़ रुपये खर्च हुए। यह पैसा नगर निगम की ओर से अलग-अलग मद में खर्च किया गया है।
नगर निगम गुरुग्राम के सदन में तय बजट में सफाई पर 390 कराेड़ रुपया खर्च करना था लेकिन 280 करोड़ ही व्यय हुए। इसी तरह से विकास कार्य पर 400 करोड़ रुपया खर्च करना था लेकिन 360 करोड़ रुपये खर्च हुए है। आप्रेशन और रखरखाव पर 200 करोड़ रुपये खर्च करने का लक्ष्य रखा था और व्यय 180 करोड़ रुपये हुए।
इस बार 425 करोड़ खर्च करने का बढ़ा बजट
इस बार नगर निगम के सदन में वर्ष 2026-27 का अनुमानित बजट प्रस्तुत किया गया। बताया गया कि आगामी वित्त वर्ष के लिए 1918 करोड़ रुपये की आय और 1875 करोड़ रुपये के व्यय का अनुमान तैयार किया गया है। नगर निगम की आय विभिन्न स्रोतों से प्राप्त होगी जिनमें प्रमुख रूप से प्रॉपर्टी टैक्स, स्टांप ड्यूटी, जल एवं सीवरेज शुल्क, विज्ञापन, भूमि मुआवजा तथा अन्य राजस्व स्रोत शामिल हैं। प्रॉपर्टी टैक्स से 325 करोड़ रुपये, स्टांप ड्यूटी से 500 करोड़ रुपये, वॉटर और सीवरेज शुल्क से 80 करोड़ रुपये, म्यूनिसिपल प्रॉपर्टीज की सेल/ऑक्शन से 75 करोड़ रुपये, म्यूनिसिपल हाउस या शॉप की बिक्री से 40 करोड़ रुपये, ईडीसी/आईडीसी से 75 करोड़ रुपये, लैंड कम्पनसेशन से 150 करोड़ रुपये व विज्ञापन से 120 करोड़ रुपये की आय का अनुमान है। इसके अतिरिक्त अन्य मदों से भी निगम को आय प्राप्त होने का अनुमान बजट में शामिल किया गया है।
वर्जन
नगर निगम के बजट से होने वाला खर्च वित्त संपदा कमेटी की मंजूरी के बाद नियमानुसार खर्च किया जाता है। कमेटी की ओर से आवश्यक कार्य मंजूरी मिलती है। इस बार के बजट में आय और व्यय दोनों बढ़ाया गया है। – विजय कुमार, चीफ एकाउंट आफिसर, नगर निगम गुरुग्राम।
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Gurugram News: तय बजट से 100 करोड़ अधिक खर्च किए, फिर भी विकास में कटौती




