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सरस आजीविका मेला… घरेलू सजावटी सामान, जैविक खाद्य उत्पाद बने लोगों की पसंद
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। साइबर सिटी के सेक्टर-29 स्थित लेजर वैली ग्राउंड में आयोजित सरस आजीविका मेला 2026 इन दिनों ग्रामीण हुनर और महिला सशक्तिकरण का जीवंत उदाहरण बना हुआ है। मेले में देशभर के 30 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से आईं 900 से अधिक ‘लखपति दीदियां’ अपने हस्तनिर्मित उत्पादों के साथ शिरकत कर रही हैं।
तमिलनाडु के आभूषण बने आकर्षण का केंद्रमेले में इस बार तमिलनाडु के स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए सोने जैसी चमक वाले आभूषण (इमिटेशन ज्वेलरी) महिलाओं के बीच विशेष रूप से लोकप्रिय हो रहे हैं। इन गहनों की शुरुआती कीमत मात्र 50 रुपये है, जो अधिकतम 5,000 रुपये तक जाती है। हल्के वजन और पारंपरिक डिजाइनों के कारण हर वर्ग की महिलाएं इन्हें अपनी पहली पसंद बना रही हैं।
एक छत के नीचे मिनी इंडिया
450 से अधिक स्टालों वाले इस मेले में कश्मीर की पश्मीना शॉल, राजस्थान की राजवाड़ी कढ़ाई, असम का बांस शिल्प और उत्तर प्रदेश की चिकनकारी जैसे उत्पादों की विस्तृत श्रृंखला उपलब्ध है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित यह मेला न केवल हस्तशिल्प बल्कि क्षेत्रीय व्यंजनों और रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी संगम है।
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Gurugram News: तमिलनाडु के सोने जैसी चमक वाले आभूषण बने आकर्षण का केंद्र



