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गुरुग्राम। विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता को मजबूत करने और कक्षाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने एक अहम निर्णय लिया है। जिले के राजकीय स्कूलों में अब शिक्षकों को किसी भी प्रकार के गैर-शैक्षणिक कार्यों से दूर रखते हुए केवल पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने को कहा गया है। विभाग के मुताबिक पिछले कुछ समय से शिक्षकों के गैर शैक्षणिक कार्य में लगने की वजह से कक्षाओं में पढ़ाई की प्रभावित हो रही थी। नियमित शिक्षण बाधित होने से पाठ्यक्रम समय पर पूरा नहीं हो पा रहा था और विद्यार्थियों को व्यक्तिगत मार्गदर्शन भी कम मिल रहा था। इसी स्थिति को देखते हुए जिला स्तर पर निर्देश जारी किए गए हैं कि शिक्षक अब बीएलओ कार्य, सर्वेक्षण, फॉर्म भरवाने, रजिस्टर अपडेट करने या अन्य प्रशासनिक गतिविधियों में शामिल नहीं किए जाएंगे। स्कूलों में अब यह सुनिश्चित किया जाएगा कि शिक्षकों का पूरा समय छात्रों की तैयारी, विषयवार समझ, अभ्यास और मॉडल पेपरों पर लगाया जाए। विभाग का कहना है कि इससे बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी को बड़ा लाभ मिलेगा, साथ ही कमजोर छात्रों के लिए अतिरिक्त कक्षाएं भी सुचारू रूप से चल सकेंगी। संवाद
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Gurugram News: कक्षा में बढ़ेगा शिक्षण समय, अतिरिक्त कार्यों से मुक्त होंगे गुरुजी

