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-इम्पीरिया स्ट्रक्चर कंपनी के सेक्टर-62 माइंड स्पेस प्रोजेक्ट में लिया था ऑफिस स्पेस
-2017 में देना था कंपनी को पजेशन, 2019 में दिया गया पजेशन
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। समय से पजेशन और एश्योर्ड रिटर्न न देने पर उपभोक्ता आयोग ने कंपनी को ब्याज समेत 11.12 लाख रुपये एश्योर्ड रिटर्न देने का आदेश दिया है। यह एश्योर्ड रिटर्न नौ प्रतिशत की दर से देना होगा। यह आदेश जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के अध्यक्ष संजीव जिंदल ने दिया है।
उत्तर प्रदेश के जिला गौतमबुद्ध नगर के सेक्टर-107 नोएडा निवासी अफजल अहमद खान और प्रतिभा खान ने आयोग में दायर याचिका में बताया कि इम्पीरिया स्ट्रक्चर कंपनी के प्रोजेक्ट सेक्टर-62 के माइंड स्पेस में आफिस स्पेस के लिए 29 मई 2012 में करार किया था। इस करार के तहत उन्होंने 25. 45 लाख रुपये में से 24.69 लाख रुपये कंपनी को दे दिए थे। कंपनी की तरफ से आश्वासन दिया गया था कि बिल्डिंग प्लान को स्वीकृति मिलने के 24 महीने के अंदर चार दिसंबर 2017 तक पजेशन दे दिया जाएगा। कंपनी को 2015 में स्वीकृति मिली थी। शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्हें पजेशन न देकर अलॉटमेंट ही खारिज कर दिया गया। उन्होंने बताया कि करार में तय हुआ था कि तीन साल की लीज को दो बार तीन-तीन साल के लिए बढ़ा दिया जाएगा। उसमें उनका किराया भी बढ़ाया जाएगा।
आयोग ने माना कि शिकायतकर्ता को बिना ऑक्यूपेशन और कंप्लीशन सर्टिफिकेट के ही पजेशन दिया गया। आयोग ने कंपनी को आदेश दिया है कि वह शिकायतकर्ता की तरफ से दायर किए गए केस की तिथि से 11.12 लाख रुपये नौ प्रतिशत की दर से दें। इसके साथ ही उन्हें होने वाली परेशानी को देखते हुए एक लाख रुपये का मुआवजा और 33 हजार रुपये कानूनी प्रक्रिया पर खर्च के लिए भी दिए जाएं।
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Gurugram News: ब्याज समेत देना होगा 11.12 लाख रुपये का एश्योर्ड रिटर्न


