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आधार कार्ड का मनी लॉन्ड्रिंग में गलत इस्तेमाल होने की बात कहकर की ठगी
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। जालसाजों ने एक बुजुर्ग महिला को डिजिटल अरेस्ट करके 78.89 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। जालसाज ने लैंडलाइन नंबर पर कॉल करके बुजुर्ग महिला को अरेस्ट वारंट के बारे में बताया। बुजुर्ग महिला के आधार कार्ड का मनी लॉन्ड्रिंग में गलत इस्तेमाल होने की बात कहकर इस वारदात को अंजाम दिया। पीड़ित बुजुर्ग महिला की शिकायत पर साइबर अपराध थाना दक्षिण में एफआईआर दर्ज की गई है।
सेक्टर-67 निवासी तमिता सेठी (70) ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 21 नवंबर को उनके घर पर लगे लैंडलाइन नंबर पर एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने बताया कि वह एयरटेल कंपनी से बोल रहा है और आपके खिलाफ अरेस्ट वारंट है। आपके आधार कार्ड का मनी लॉन्ड्रिंग में गलत इस्तेमाल किया गया है। इसके कुछ समय तमिता सेठी के व्हाट्सएप पर कॉल आई और बताया कि आपके अकाउंट का मनी लॉन्ड्रिंग में गलत इस्तेमाल किया गया है। 25 नवंबर को उन्होंने मुझसे मेरे फाइनेंशियल अकाउंट की जानकारी पूछी और कहा कि आपको अपनी एफडी को लिक्विडेट करना है। अमाउंट को ट्रिनिटी मेडिकल्स नाम के अकाउंट में भेजना है। इसके बाद तमिता सेठी को व्हाट्सएप पर वीडियो कॉल आई।
कॉल करने वाले ने वीडियो कॉल के दौरान पुलिस की वर्दी और पुलिस फ्लैग बैकग्राउंड में लगाया हुआ था। उसने बुजुर्ग महिला को चेतावनी दी कि वह घर से बाहर न जाए और इस बारे में किसी अन्य व्यक्ति को कुछ न बताए। 25 नवंबर को बुजुर्ग महिला तमिता सेठी ने 54,56,981 रुपये की एफडी लिक्विडेट की और वीडियो कॉल पर बात करने वाले व्यक्ति द्वारा बताए अकाउंट नंबर में रुपये भेज दिए। 26 नवंबर को यूनियन बैंक से 24,33,000 रुपये उनके द्वारा बताए बैंक खाते में भेज दिए। 28 नवंबर तमिता सेठी ने अपनी बेटी शिवानी सेठी को जब रुपये ट्रांसफर करने के बारे में बताया तो उसने डिजिटल अरेस्ट करके साइबर ठगी होने की बात कही। पीड़िता ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
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Gurugram News: बुजुर्ग महिला को डिजिटल अरेस्ट कर 78.89 लाख रुपये कराए ट्रांसफर

