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हरियाणा विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर गोपीचंद गहलोत का शनिवार को निधन हो गया। वे गुरुग्राम में रहते थे। हरियाणा राजनीति में लंबे समय तक सक्रिय रहे गहलोत गुरुग्राम विधानसभा से एक निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जीत दर्ज की थी। इनेलो में लंबे समय तक वरिष्ठ नेता के रूप में कार्यरत गहलोत बाद में भाजपा में शामिल हो गए थे।
उन्होंने वर्ष 2000 में गुरुग्राम विधानसभा से जीत दर्ज की थी। इसके बाद वे वर्ष 2005 में गुरुग्राम विधानसभा से इनेलो के टिकट पर चुनाव लड़े, लेकिन हार गए थे। इसके अलावा वर्ष 2009 में वे बादशाहपुर विधानसभा से जबकि वर्ष 2014 में फिर गुरुग्राम विधानसभा से चुनाव लड़े लेकिन हार का सामना करना पड़ा था। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उनके निधन पर शोक जताया है।
उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि हरियाणा के पूर्व डिप्टी स्पीकर गोपीचंद गहलोत के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। उनका विनम्र स्वभाव और जनहित के प्रति समर्पण सदैव स्मरणीय रहेगा। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोक संतप्त परिवार को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें।
गोपीचंद गहलोत ने हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर के पद पर अपनी सेवाएं दीं और राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विभिन्न चुनावों में उनकी सक्रियता रही। गहलोत के निधन से हरियाणा की राजनीतिक में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके निधन पर पूर्व सहयोगी और विभिन्न दलों के नेताओं ने दुख व्यक्त किया है। वे सादगी और जनसेवा के लिए जाने जाते थे।
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Gopichand Gehlot: हरियाणा विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर गोपीचंद गहलोत का निधन, निर्दलीय दर्ज की थी जीत



