टोहाना। राजकीय प्राइमरी स्कूल बलियावाला में मंगलवार सुबह जहरीला कोबरा सांप दिखाई देने से हड़कंप मच गया। स्कूल के अध्यापकों ने तुरंत बच्चों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और पशु क्रूरता निवारण समिति के सदस्य नवजोत सिंह ढिल्लों को सूचना दी।
सूचना मिलते ही नवजोत सिंह ढिल्लों मौके पर पहुंचे और सावधानी के साथ कोबरा सांप का सुरक्षित रेस्क्यू किया। उन्होंने बताया कि कोबरा का जहर न्यूरोटॉक्सिन होता है, जो 15 मिनट के भीतर शरीर पर असर डाल सकता है। उन्होंने साफ कहा कि सांप काटने की स्थिति में तांत्रिक उपाय, झाड़-फूंक या देसी इलाज प्रभावी नहीं होते। केवल अस्पताल में सही इलाज ही सुरक्षित है।
अगर कभी सांप काट ले तो किसी भी तरह के देसी उपचार या झाड़-फूंक में न पड़े और सीधे ही अस्पताल जाए। समय पर अस्पताल पहुंचने पर जान बच सकती है। थोड़ी सी देरी भी मरीज की जान जा सकती है। रेस्क्यू के बाद सांप को उसके प्राकृतिक वातावरण में छोड़ दिया गया।