[ad_1]
फतेहाबाद। जिले में डेंगू और मलेरिया को नियंत्रित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने रैपिड फीवर सर्वे शुरू कर दिया है। इसी माह 15 दिनों तक विभाग द्वारा 1.45 लाख घरों का सर्वे किया गया। इस दौरान 2352 लोग बुखार पीड़ित और आठ घरों में लारवा मिला है।
टीम ने बुखार पीड़ितों के ब्लड सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे लेकिन उनमें मलेरिया की पुष्टि नहीं हुई है। वहीं आठ घरों के मालिकों को लारवा मिलने पर नोटिस जारी किया गया है। ये सर्वे 1 अप्रैल से 15 अप्रैल तक चलाया गया। विभाग की तरफ से पिछले साल की तरह इस बार भी 1 से 15 तक रैपिड फीवर सर्वे चलाया गया।
टीम को जिले में 1,94,468 घरों में सर्वे का लक्ष्य दिया गया। विभाग की तरफ से 1.45 लाख घरों में टीमें पहुंच पाई। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि डेंगू और मलेरिया पर कंट्रोल को लेकर सर्वे शुरू किया गया है ताकि समय रहते लारवा को नष्ट किया जा सके और बीमारियों को फैलने से रोका जा सके।
–
161 स्थानों पर डाली गई गंबुजिया मछली
लारवा को खत्म करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की तरफ से 161 तालाबों में गंबुजिया मछली डाली गई है। विभाग की तरफ से नागरिक अस्पताल के तालाब में गंबुजिया मछली रखी गई हैं। यहां से अन्य स्थानों के लिए उन्हें जारी किया जाता है।
–
मलेरिया के ये हैं लक्षण
– सर्दी व कंपन के साथ तेज बुखार आना
– सिर में तेज दर्द होना, शरीर में दर्द होना
– बुखार उतरते समय शरीर का पसीना-पसीना होना
डेंगू के लक्षण
– अचानक तेज बुखार होना
– अचानक तेज सिर दर्द होना
– मांसपेशियों व जोड़ों में दर्द होना
– आंखों के पीछे दर्द होना
–
जिले में डेंगू के मिल चुके केस
वर्ष रोगी
2015 189
2016 38
2017 419
2018 56
2019 29
2020 35
2021 993
2022 154
2023 89
2024 129
2025 13
–
जिले में मिले मलेरिया केस
वर्ष केस मिले
2014 368
2015 107
2016 59
2017 42
2018 2
2019 5
2020 0
2021 1
2023 2
2024 2
2025 3
–
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जिले में डेंगू और मलेरिया पर नियंत्रण के लिए रैपिड फीवर सर्वे शुरू किया गया है। इस दौरान लारवा को नष्ट किया जा रहा है और लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। लोगों से अपील है कि वे अपने घर में और आसपास पानी एकत्रित न होने दें।
-डॉ. विष्णु मित्तल, जिला महामारी रोकथाम विशेषज्ञ
[ad_2]



