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टोहाना। श्री दुर्गा महिला महाविद्यालय में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से सोमवार को अपराजिता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें संजीवनी अस्पताल से निदेशक सुशील कुमार, वरिष्ठ महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. कुसुम गुप्ता व एमडी मेडिसिन डॉ. अनीश ने शिरकत की। इस दौरान छात्राओं को फास्टफूड से दूर रहने और पौष्टिक आहार लेने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम के अध्यक्षता प्राचार्य रणधीर सिंह बेनीवाल, महिला प्रकोष्ठ प्रभारी डॉ. मंजूषा व सह प्रभारी निशा ने की। इस दौरान ब्रह्माकुमारी से एनएलपी ओर एनडीएस ट्रेनर बहन सुमन, सेंटर इंचार्ज बहन कौशल्या व मीना बहन ने विशिष्ट अतिथि के तौर पर शिरकत की। डॉ. कुसुम गुप्ता ने कहा कि पहले 13 साल की उम्र में लड़कियों में माहवारी शुरू होती थी लेकिन अभी यह कई लड़कियों में 7 साल की उम्र में भी हो रही है।
डॉ. कुसुम ने बताया कि बच्चों में शारीरिक गतिविधियां कम हो रही है, वे सिर्फ मोबाइल फोन में लगे रहते हैं इसलिए ये समस्याएं आ रही हैं। महिलाएं अपने शरीर में होने वाले बदलाव को देखकर भी अनदेखा न करें तुरंत महिला चिकित्सक से मिले। अब वर्तमान समय में लगभग 30 साल की उम्र में महिलाओं की शादी हो रही है। अब महिलाओं के जब भी पीरियड अनियमित होते हैं तो उसे कैंसर समझने लगती हैं।
उन्होंने कहा कि गर्भवती होने पर महिलाएं घरों में काम नहीं करतीं, इससे सिजेरियन केस बढ़ने लगे हैं। मासिक धर्म असंतुलन की समस्या बढ़ती जा रही है। महिलाओं में खून की कमी का मुख्य कारण बच्चे घर से आते समय ब्रेकफास्ट नहीं करते, बाहर जंक फूड खाते हैं। जब तक शरीर में खून कम होगा मासिक धर्म संबंधी बीमारियां आएगी। इससे मासिक धर्म असंतुलन की समस्या भी सामने आ रही है।
डॉ. कुसुम ने बताया कि खानपान की समय सारिणी को ठीक करके इस समस्या का हल कर सकते है। डॉ. अनीश ने बताया कि वर्तमान समय में लोग इतना व्यस्त हो रहे है कि खुद पर ध्यान नहीं दे रहे क्योंकि जिससे शरीर में मौजूद शुगर बीपी जैसी को इग्नोर कर देते हैं। ये बीमारियां लक्षण देती हैं लेकिन उन्हें अनदेखा किया जाता है जब भी ऐसे लक्षण मिलते हैं तो चिकित्सक की सलाह जरूर लें।
कार्यक्रम में डॉ. ने समय पर खान-पान करने व संतुलित आहार खाने के बारे जागरूक किया है। इसे नियमित रूप से अपनाने से महिलाओं में मासिक धर्म के असंतुलन की समस्या दूर होगी।
-अमनप्रीत कौर, छात्रा
महिलाओं में होने वाली बीमारियों के बारे में पता चला है। इसमें गठिया रोग सामान्य हो चुका है। शुगर, बीपी जैसी बीमारियों को अनदेखा न करें, सही समय पर चिकित्सक की सलाह जरूर लें।
-डॉ. अनीश कुमार, एमडी मेडिसिन, संजीवनी अस्पताल।
मोबाइल फोन से होने वाले नुकसान बारे डॉ. कुसुम ने जागरूक किया है। वहीं ब्रह्माकुमारी बहनों ने मेडिटेशन के माध्यम से अपने मन को चार्ज करने की विधि बताई है। इससे मन को शांति प्राप्त हुई है।
-कविता, छात्रा
महिलाओं में सामान्य तौर पर होने वाली गठिया व अन्य बीमारियों के लक्षण और बचाव बारे में कार्यक्रम में जागरूक किया गया है। ताकि लक्षण दिखने पर समय रहते बेहतर इलाज लिया जा सके।
-नीलम, छात्रा
ऐसे कार्यक्रम से उनको स्वास्थ्य रहने के बारे में काफी पता चला है। इसका आने वाले समय में लाभ मिलेगा। यह बहुत ही सराहनीय पहल है। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए एक्सरसाइज जरूर करनी चाहिए।
-तराना, छात्रा
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