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धरना समाप्त करवा किसानों को लड्डू खिलाते एसडीएम।
जाखल। बाढ़ पीड़ितों को मुआवजे देने की मांग को लेकर उपतहसील कार्यालय में धरने पर बैठे किसान एसडीएम के आश्वासन पर मान गए। करीब साढ़े छह महीने बाद किसानों ने अपना धरना शनिवार को समाप्त कर दिया। धरनारत किसानों के बीच पहुंचे एसडीएम प्रतीक हुड्डा ने शेष सभी बाढ़ प्रभावितों को यथाशीघ्र मुआवजा राशि दिलाने तथा किसानों पर दर्ज मामलों के प्रति जल्द जांच कर न्याय दिलाने का आश्वासन दिया।
बता दें कि पिछले साल जुलाई महीने में बाढ़ की मार झेल चुके जाखल खंड क्षेत्र के किसानों ने सरकार से मुआवजा न मिलने पर फरवरी से उपतहसील कार्यालय में धरना शुरू किया था। करीब एक माह पहले खंड स्तर पर बैठक कर जुलाई के अंतिम सप्ताह तक मांग पूरी न होने पर 31 जुलाई को उपतहसील कार्यालय पर तालाबंदी का ऐलान किया था।
इसके बावजूद मुआवजा न मिलने पर 31 जुलाई को समिति के नेतृत्व में जाखल खंड के 24 गांवों के किसान एकत्रित हुए। तब अधिकारियों ने किसानों की 11 सदस्यीय कमेटी से बैठक कर सभी बाढ़ प्रभावित किसानों को 15 अगस्त तक मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया था। इसी को लेकर शनिवार को किसानों ने आगामी रणनीति के लिए उप तहसील कार्यालय में बड़ी पंचायत की। इसमें टोहाना के एसडीएम प्रतीक हुड्डा भी पहुंचे।
एसडीएम ने बैठक में विश्वास दिलाया कि जिन बाढ़ पीड़ितों का मुआवजा लंबित रह गया है, वह अपने मुआवजे संबंधित दस्तावेज जमा करा दें। जल्द ही इनकी जांच कर मुआवजा जारी करा दिया जाएगा। इस मौके पर लाभ सिंह, मनदीप नथवान, जग्गी महल, हरविंद्र झंडा, जगतार गोरा, निर्मल सिंह, कुलवंत, लखविंदर, जस्सा सिंह, मंजीत सिंह, पाल सिंह, लीला सिंह, भान सिंह, अवतार रोड़ा सहित कई किसान उपस्थित रहे।
किसानों पर दर्ज मुकदमे होंगे रद्द
एसडीम प्रतीक हुड्डा ने कहा कि बीजेपी, जेजेपी नेताओं का विरोध करने पर 100 से ज्यादा किसानों के खिलाफ जो 307 व 23, 24 के मुकदमे दर्ज किए गए थे, उनकी निष्पक्ष जांच करा 4 अक्तूबर तक रद्द कराने के प्रयास किए जाएंगे। उधर, संगठन ने निर्णय लिया कि 5 अक्तूबर को जाखल खंड के किसानों की बैठक कर अधिकारियों से वंचित किसानों के मुआवजे अथवा मुकदमे रद्द करने संबंधित चर्चा की जाएगी। इसके बाद आगे की रणनीति बनाई जाएगी।
वोट मांगने आने वाले नेताओं से किए जाएंगे सवाल
किसानों ने कहा कि वह कभी नहीं भूलेंगे कि जिन जनप्रतिनिधियों को उन्होंने अपनी समस्याओं का निदान करने के लिए चुना था, उन्होंने ही किसानों पर झूठे मुकदमे दर्ज कराने का कार्य किया है। अब गांवों में वोट मांगने आने पर नेताओं से सवाल किए जाएंगे। किसी पार्टी ने अपने मेनिफेस्टो में किसान हित का कोई जिक्र तक नहीं किया। विधानसभा चुनाव में मतदान को लेकर विचार विमर्श करने के लिए जल्द ही राज्यस्तरीय कमेटी की बैठक की जाएगी।
90 प्रतिशत बाढ़ पीड़ित किसानों के खातों में मुआवजा राशि आ चुकी है। शेष बाढ़ पीड़ित मुआवजे संबंधित दस्तावेज जमा करा दें, उनकी जांच कर जल्द ही मुआवजा राशि जारी करा दी जाएगी। किसानों पर दर्ज मामलों की निष्पक्ष जांच करवाएंगे, मामले गलत पाएं जाने पर रद्द करा दिए जाएंगे।
-प्रतीक हुड्डा, एसडीएम टोहाना
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Fatehabad News: एसडीएम के आश्वासन पर 192 दिनों बाद किसानों का धरना समाप्त



