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फतेहाबाद। महिलाओं और छात्राएं खुद को कितना सुरक्षित मानती है और सुरक्षा में और क्या बदलाव चाहती है, इस बारे में पुलिस विभाग ने सर्वे शुरू किया है। महिला सुरक्षा प्रभारी की टीम महिलाओं और कॉलेज में छात्राओं से फॉर्म भरवाकर पूछ रही है आप खुद को कितना सुरक्षित मानती हैं।
सर्वे में पूछा जा रहा है कि डायल 112 को कितनी बार फोन किया गया और कितनी देर में पहुंची। सुरक्षा में क्या और होना चाहिए। करीब दो हजार महिलाओं से महिला सुरक्षा टीम फीडबैक ले चुकी है। इसमें मुख्य तौर पर छात्राओं और महिलाओं का कहना है कि गश्त और ज्यादा बढ़ाई जाए।
महिला सुरक्षा टीम प्रभारी निरीक्षक मंजू सिंह ने एमएम कॉलेज के बाहर विशेष डिकॉय चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था, छात्राओं की सुरक्षा-सम्बंधित समस्याओं तथा कॉलेज परिसर के आसपास की गतिविधियां पर विशेष रूप से निगरानी रखी गई। कॉलेज कैंपस के भीतर एवं बाहर महिला सुरक्षा टीम ने संवेदनशील स्थानों का निरीक्षण किया और छात्राओं से बातचीत कर उनकी सुरक्षा को लेकर फीडबैक लिया।
निरीक्षक मंजू सिंह ने छात्राओं को महिला सुरक्षा से जुड़े कानूनों, हेल्पलाइन नंबरों (112, 1091 एवं 181) की जानकारी दी तथा किसी भी आपात स्थिति में तुरंत पुलिस से संपर्क करने की अपील की। उन्होंने बताया कि जिला पुलिस का उद्देश्य छात्राओं में सुरक्षा का भरोसा बढ़ाना है ताकि वे बिना किसी भय के शिक्षा प्राप्त कर सकें। साथ ही सोशल मीडिया, छेड़छाड़, पीछा करने जैसी गतिविधियों के प्रति सतर्क रहने और तुरंत रिपोर्ट करने के लिए छात्राओं को प्रेरित किया गया।
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अभियान चलाकर कॉलेजों, कोचिंग संस्थानों और सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं एवं छात्राओं के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जा रहा है। सुरक्षा के बारे में फीडबैक भी लिया जा रहा है। महिला सुरक्षा उनकी शीर्ष प्राथमिकता है और इस दिशा में हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।
– सिद्धांत जैन, पुलिस अधीक्षक
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