एनआईटी कुरुक्षेत्र में फंदा लगाकर आत्महत्या करने वाली द्वितीय वर्ष की छात्रा दीक्षा दुबे के परिजन शुक्रवार सुबह एनआईटी परिसर पहुंचे। यहां पुलिस व एनआईटी प्रशासन परिवार की संतुष्टि के लिए उन्हें कक्षा व छात्रावास परिसर की सीसीटीवी फुटेज दिखाते रहे। करीब 28 घंटे बाद शाम छह बजे मेडिकल बोर्ड ने शव का पोस्टमार्टम पूरा किया।
पोस्टमार्टम के बाद दीक्षा के पिता शशि कुमार दुबे ने कहा कि हमारी लड़की बहुत मजबूत थी। पढ़ने में शुरू से ही अच्छी रही। 12वीं में उसने 99.5 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। जेईई मेन में भी अच्छे नंबर आए थे। एनआईटी में भी उसका प्रदर्शन बहुत अच्छा था।
कॉलेज प्रशासन और प्रोफेसर भी मानते हैं कि दीक्षा पढ़ाई में मेधावी थी। उसे स्कॉलरशिप पर एनआईटी में दाखिला मिला था। फिर भी उसने यह कदम उठा लिया। इसके पीछे जरूर कुछ न कुछ है। उन्होंने छात्रों के आरोपों पर कहा कि हम यहां मौजूद नहीं थे।
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छात्रा दीक्षा दुबे की फाइल फोटो
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
छात्रों ने जो कुछ कहा है उसके बारे में हमने पुलिस से बात की है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि निष्पक्ष जांच होगी। दीक्षा के मौसेरे भाई ओंकार ने बताया कि घटना वाले दिन भी दीक्षा ने अपनी मां पूनम से फोन पर बात की थी। बातचीत पूरी तरह सामान्य थी।
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पोस्टमार्टम के दौरान मोर्चरी हाउस के बाहर बैठे परिजन
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ऐसा नहीं लगा कि वह परेशान है या कोई गंभीर समस्या है। परिवार को अभी तक यकीन नहीं हो रहा कि दीक्षा इस तरह का कदम उठा सकती है। दीक्षा ने अपनी पढ़ाई अलीगढ़ से पूरी की थी। 12वीं के बाद उसने जेईई परीक्षा दी थी।
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छात्रा की खुदकुशी के मामले में प्रदर्शन करते छात्र
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसमें उसका ऑल इंडिया रैंक 15 हजार के आसपास आया था। उसी के आधार पर उसका चयन कुरुक्षेत्र एनआईटी में हुआ। ओंकार ने बताया कि दीक्षा को रुपये की कमी नहीं थी। परिवार के हालात ठीक हैं। पिता शशि कुमार दुबे अलीगढ़ में बियर फैक्टरी में कार्यरत हैं।
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छात्रा की खुदकुशी के मामले में प्रदर्शन करते छात्र
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
थाना केयूके प्रभारी विशाल कुमार ने कहा कि परिवार ने अभी तक कोई लिखित में शिकायत दर्ज नहीं करवाई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू होगी। मामले की जांच जारी है।