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कादमा। इंदिरा गांधी आवास योजना के तहत 1996 में गांव रामबास में लोगों को प्लॉट दिए गए थे। ये लोग आज भी मूलभूत सुविधाओं को तरस रहे हैं। आज तक न पक्की सड़क बनी है और न बिजली-पानी की सुविधा मिली है।
प्लाॅटधारकों की बस्ती को 30 साल से अनदेखा किया जा रहा है। बरसात के दिनों में गलियों में कीचड़ हो जाता है। लोग पानी व बिजली के बिना नारकीय जीवन जीने के लिए मजबूर हैं। वहीं, घरों के आगे घास व खरपतवार होने की वजह से सांप-बिच्छू जैसे जहरीले जीवों का डर बना रहता है।
इन लोगों का कहना है कि हकीकत में ज़मीन पर कुछ नहीं हुआ है। इन लोगों ने सरकार के खिलाफ रोष जताते हुए चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही गली पक्की नहीं करवाई गई और बिजली-पानी उपलब्ध नहीं कराया गया, तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। ग्रामीण राजकुमार, पवन, सुरेंद्र, सतीश, नसीब, कुलवीर, विरेंद्र, विकास, सोनिया, भीम सिंह, रामकली, रामरती, अमर, अमित ने रोष जताया।
इस बारे में गांव रामबास के सरपंच सुधीर ने बताया कि इस गली में पहले मिट्टी डलवाना जरूरी है। उनके पास मिट्टी डलवाने की अनुमति नहीं है। जब तक मिट्टी नहीं डलेगी, तब तक रास्ता नहीं बन सकता। हमने पंचायत विभाग को प्रस्ताव भेज दिया है।
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Charkhi Dadri News: 30 साल से बिजली-पानी व सड़क के लिए तरस रहे


