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चरखी दादरी। सड़क हादसों के मामले में वर्ष 2025 दादरी जिले के लिए काफी कष्टदायक रहा है। जिले में इस वर्ष हुए 130 से अधिक सड़क हादसों में करीब 70 लोगों की मौत हो चुकी है और 100 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं। उम्मीद है कि नववर्ष 2026 सड़क सुरक्षा की दिशा में जिले के लिए नई राहें लेकर आएगा।
सरकार, प्रशासन व पुलिस की ओर से सड़क हादसों में कमी लाने को लेकर लंबे चौड़े दावे तो किए जाते हैं लेकिन संबंधित विभागों की अनदेखी, वाहन चालकों की लापरवाही, यातायात नियमों की अवहेलना के कारण होने वाले हादसों से कई परिवारों को जीवनभर का दर्द मिलता है।
वहीं दूसरी ओर नव वर्ष 2026 जिले के बुनियादी ढांचे विशेषकर सड़क परिवहन के लिए काफी अहम रहने वाला है। जिला प्रशासन व संबंधित विभागों की ओर से तैयार की गई योजनाओं के धरातल पर उतरने के साथ ही जिले की मुख्य सड़कों की सूरत बदली नजर आएगी। इन परियोजनाओं का प्राथमिक उद्देश्य न केवल आवागमन को सुगम बनाना है, बल्कि सड़क हादसों के ग्राफ में भी कमी लाना है।
हाल ही में आयोजित सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में उपायुक्त ने नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे, लोक निर्माण विभाग, मार्केटिंग बोर्ड, सड़क निर्माण विभाग के अधिकारियों को संबंधित सड़क मार्गों पर बने गड्ढों को दुरुस्त करवाने, ब्लैक स्पॉट खत्म करने के सख्त निर्देश जारी किए हैं। हालांकि यह नियमित प्रक्रिया है लेकिन हादसों में कमी लाने के लिए सबसे अहम है वाहन चालकों का यातायात नियमों की पालना के प्रति जागरूक होना। जिसको लेकर विशेष गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।
नेशनल हाईवे पर हुए सबसे अधिक हादसे
यदि इस वर्ष के आंकड़ों पर नजर डालें तो यही तथ्य सामने आते हैं कि जिले में सबसे अधिक सड़क हादसे नेशनल हाईवे 152डी और नेशनल हाईवे 334बी पर हुए हैं। नेशनल हाईवे 152डी पर हादसों की बड़ी वजह सड़क पर जगह-जगह वाहनों का खड़ा होना है। जबकि एनएच 152डी पर रेस्ट एरिया के अलावा कहीं भी वाहन खड़ा करने पर रोक है लेकिन काफी चालक अपने वाहनों को हाईवे पर ही खड़ा करते हैं। जिससे काफी हादसे हो चुके हैं। इसी प्रकार मेरठ-पिलानी नेशनल हाईवे 334बी झज्जर से लेकर दादरी होते हुए लोहारू तक महज डबल लेन है। जबकि इस हाईवे पर हर रोज हजारों की संख्या में भारी व हल्के वाहनों का आवागमन होता है। वाहनों का आवागमन अधिक तथा सड़क डबल लेन होने के कारण यहां हादसे होते रहते हैं।
2026 में एनएच 334बी के फोरलेन का काम हो सकता है शुरू
एनएचएआई की ओर से नेशनल हाईवे 334बी को झज्जर से दादरी होते हुए बिलावल गांव तक फोरलेन बनाने की योजना है। यह योजना अंतिम चरण में है और इसकी डीएनआईटी भी तैयार हो चुकी है। नववर्ष 2026 में इस पर काम शुरू हो सकता है। एनएच 334बी फोरलेन होने के बाद निश्चित तौर पर सड़क हादसों में कमी आ सकेगी।
ट्रैफिक लाइटों का संचालन हो सकता है शुरू
शहर में यातायात व्यवस्था सुचारू बनाने के लिए नगर परिषद की ओर से पांच जगहों पर पिछले वर्ष ट्रैफिक लाइटें लगवाई गई थी। लेकिन सड़कों पर जेब्रा क्रॉसिंग व दूसरी व्यवस्थाएं न होने के कारण इनका संचालन शुरू नहीं हो सका है। नववर्ष 2026 में सड़कों की हालत दुरुस्त होने के बाद जेब्रा क्रॉसिंग बन सकेंगी और लाइटों का संचालन शुरू हो सकेगा।
सड़कों का हो रहा है नवीनीकरण
पिछले काफी समय से जर्जर दादरी-रोहतक रोड व दादरी-चिड़िया रोड के नवीनीकरण का काम चल रहा है। दोनों सड़कों का नवीनीकरण कार्य वर्ष 2026 में पूरा हो जाएगा। इन सड़कों से हर रोज काफी संख्या में वाहन चालकों का आवागमन होता है। सड़क जर्जर होने के कारण इन मार्गों पर हादसे होेते रहते थे लेकिन अब नवीनीकरण के बाद यहां भी हादसों में कमी आएगी।
चालान के साथ जागरूक कर रही पुलिस
दादरी जिला पुलिस की ओर से भी सड़क हादसों में कमी लाने को लेकर कवायदें की जा रही है। वर्ष 2026 में भी पुलिस का फोकस वाहन चालकों को यातायात नियमों की पालना के प्रति जागरूक करने पर रहेगा। वहीं नियमों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ चालान की कार्रवाई भी जारी रहेगी।
ब्लैक स्पॉट पर होगी सख्ती
यातायात थाना पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार पिछले कुछ वर्षों के दौरान हुए हादसों के आधार पर छह ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए गए थे। इनमें एनएच 334बी पर गांव अचीना ताल, समसपुर, भैरवी, अटेला कलां, एनएच 152डी पर रानीला रेस्ट एरिया तथा एनएच 148बी पर गांव चरखी शामिल थे। एनएचएआई की ओर से इन ब्लैक स्पॉट को खत्म करने के लिए कवायद की गईं। वहीं अब उपायुक्त ने ब्लैक स्पॉट पर नियमों का उल्लंघन करने वालों के अधिक से अधिक चालान करने के भी निर्देश दिए हैं।
इस वर्ष हुए पांच मुख्य सड़क हादसे
19 जनवरी 2025 :
अंतरराष्ट्रीय शूटर मनु भाकर के मामा युद्धवीर सिंह और नानी सावित्री देवी का 19 जनवरी 2025 की सुबह दादरी के लोहारू चौक और महेंद्रगढ़ बाईपास के बीच सड़क हादसे में निधन हो गया। मनु के मामा और नानी स्कूटी पर सवार होकर जा रहे थे, उसी दौरान तेज रफ्तार कार ने स्कूटी को टक्कर मार दी थी।
22 जुलाई 2025 :
नेशनल हाईवे 152 डी पर रानीला रेस्ट एरिया के समीप 22 जुलाई की शाम को कांवड़ियों की पिकअप को पीछे से आ रहे ट्रक ने टक्कर मार दी थी। हादसे में 12 शिव भक्त घायल हो गए थे।
– 03 दिसंबर 2025 :
नेशनल हाईवे 152डी पर दादरी जिले के गांव कमोद के समीप 03 दिसंबर की रात को दो ट्राले टकरा गए थे। हादसे में एक ट्राला के चालक व परिचालक जिंदा जल गए थे। मृतक राजेश हिसार जिले के गांव खांडा खेड़ी तथा जसवंत सिंह जींद जिले के गांव रूपगढ़ का रहने वाला था।
– 14 दिसंबर 2025 :
दादरी के साथ लगते गांव कालियावास में 14 दिसंबर की सुबह निजी स्कूल बस और रोडवेज बस में टक्कर हो गई थी। इस हादसे में एक छात्रा की मौत हो गई थी और दोनों बसों के चालकों सहित 30 लोग घायल हो गए थे।
– 23 दिसंबर 2025 :
नेशनल हाईवे 334बी पर बाढड़ा-लोहारू रोड पर गांव भांडवा के पास 23 दिसंबर की शाम को ट्रैक्टर-ट्राली से बाइक की टक्कर में गांव लाड निवासी दो युवा दोस्तों की मौत हो गई थी। मृतक नरेंद्र और कुलदीप गांव लाड के रहने वाले थे।
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Charkhi Dadri News: सड़क सुरक्षा की दिशा में जिले के लिए नई राहें लेकर आएगा नववर्ष 2026


