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संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Thu, 15 Aug 2024 02:31 AM IST
लघु सचिवालय चरखी दादरी में हड़ताल पर बैठे लिपिक।
चरखी दादरी। क्लेरिकल एसोसिएशन वेलफेयर सोसायटी के आह्वान पर लिपिक वर्ग ने अपनी हड़ताल 20 अगस्त तक बढ़ा दी है। सरकार के तीन दिवसीय हड़ताल पर संज्ञान न लेने के चलते लिपिकों ने यह फैसला लिया है। दूसरी ओर बुधवार को लगातार तीसरे दिन भी लिपिक एसोसिएशन ने लघु सचिवालय गेट के समीप धरना दिया। वहीं, लिपिकों की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी रहने से लोगों के जरूरी काम अटक गए हैं और उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बुधवार को पिंटू पहलवान, अजीत फौगाट और आप कार्यकर्ता धनराज कुंडू ने लिपिकों की मांगों का समर्थन किया। एसोसिएशन प्रधान प्रदीप कुमार ने बताया कि पिछले साल भी लिपिक वर्ग ने अपनी मांग मूल वेतन 35400 को लेकर 42 दिन की हड़ताल की थी। 15 अगस्त 2023 को तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल की मौजूदगी में सरकार और एसोसिएशन के प्रतिनिधि मंडल के बीच कार्य समीक्षा कमेटी का गठन का समझौता हुआ था। कमेटी ने 3 महीने में लिपिक वर्ग के कार्यों की समीक्षा की और 35400 मूल वेतन देने के बजाए 21700 देकर एक भद्दा मजाक किया। साथ ही हड़ताल के 42 दिनों में से 35 दिनों को ड्यूटी पीरियड मानने से भी मना कर दिया।
7 जुलाई को करनाल में लिपिक वर्ग ने सीएम आवास पर रोष प्रदर्शन किया। उस दौरान सीएम नायब सैनी ने एसोसिएशन को बैठक बुलाने का आश्वासन दिया। बाद में साइकिल यात्रा का समापन कर लिपिकों ने पंचकूला के लिए पैदल यात्रा शुरू की। लेकिन जिला प्रशासन और पुलिस ने मिलकर लिपिक वर्ग की मांग को दबा दिया और गिरफ्त में लेकर कई घंटों के बाद रिहा किया। उन्होंने कहा कि लिपिक वर्ग की मांग जायज, न्यायसंगत और तर्कसंगत होने के बावजूद भी सरकार पूरा नहीं कर रही है। इसी कारण आज पूरा लिपिक वर्ग हड़ताल को मजबूर है। लिपिक वर्ग के कर्मचारी 12 से 14 अगस्त तक 3 दिन की चेतावनी हड़ताल पर रहे। लेकिन सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी। अब उन्होंने अपनी हड़ताल को बढ़ा दिया है।
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Charkhi Dadri News: लिपिकों ने छह दिन और बढ़ाई हड़ताल


