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चरखी दादरी। दादरी स्थित रेल ट्रैक से गुजरने वाली ट्रेनों की बढ़ती संख्या और वजन का भार अधिक होने से रेल मंडल की ओर से दादरी के ढाणी रेलवे फाटक पर ट्रेनों की क्षमता के अनुसार स्लैब लगवाने का काम किया गया। जिसके चलते सोमवार सुबह सात से सायं सात बजे तक फाटक संख्या सी-34 को बंद रखा गया। इस कारण यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
शहर के ढाणी रोड रेलवे फाटक पर लगभग 35 साल पहले 22 टन भार क्षमता वाले डीएन 20 पुल का निर्माण करवाया गया था। लेकिन गाड़ियों की बढ़ती संख्या के चलते और रफ्तार के कारण पुल की क्षमता कमजोर पड़ रही थी।
उत्तर पश्चिम रेलवे की ओर से भविष्य में गाड़ियों की और संख्या बढ़ने की संभावनाओं को देखते हुए पुल की क्षमता 25 टन तक बढ़ाने के लिए स्लैब बदलने का कार्य किया गया। जिससे ढाणी रेलवे फाटक से प्रतिदिन गुजरने वाले 20 हजार से अधिक वाहन चालकों को सोमवार को अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ा।
सोमवार को रेलवे क्राॅसिंग बंद होने से अधिकांश वाहन चालकों को गांधी नगर अंडरपास से गुजरने को मजबूर होना पड़ा। जिससे अंडरपास पर वाहनों की भारी भीड़ लगी रही। इसके अलावा गांव समसपुर, लोहरवाड़ा, बिरोहड़ जाने वाले वाहन चालक ढाणी रेलवे आरओबी से गुजरना पड़ा। रेलवे अधिकारियों का कहना हैं कि पुल की क्षमता बढ़ने से गाड़ियों की रफ्तार में इजाफा होगा, वहीं गाड़ियों के गुजरने से लोड का भी कोई फर्क नहीं होगा।
इन अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ कार्य
ढाणी रेलवे फाटक पर पुल संख्या 20 डीएन लाॅचिंग कार्य के दौरान उत्तर पश्चिम रेलवे कार्यालय के वरिष्ठ सेक्शन इंजीनियर ओमप्रकाश, एसएससी आशुतोष चौधरी, आईओडब्ल्यू सतपाल सिंह, पीडब्ल्यूआई अरूण कुमार आदि उपस्थित रहे। कार्य के दौरान रेलवे की और से लगभग 25 श्रमिकों और आधुनिक उपकरणों की सहायता से काम को पूरा किया गया।
90 से अधिक ट्रेनों का होता है आवागमन
दादरी स्थित रेलवे स्टेशन पर लंबी दूरी की सवारी ट्रेनों का ठहराव होने के कारण संख्या में भी इजाफा हुआ है। शहर के रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन विभिन्न रूटों की ओर जाने वाली 34 सवारी ट्रेनों का ठहराव होता है। इसके अलावा प्रतिदिन 60 से 70 माल गाड़ियां गुजरती हैं।
उत्तर पश्चिम रेलवे की ओर से ढाणी रोड रेलवे फाटक संख्या सी-34 पर पुल संख्या-20 डीएन की लाॅचिंग के लिए सोमवार सुबह सात से सायं सात बजे तक फाटक बंद करने की अनुमति मांगी गई थी। ताकि कार्य के दौरान वाहन चालक बाधक नहीं बने।
-अरुण कुमार, पीडब्ल्यूआई रेलवे।
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Charkhi Dadri News: ढाणी रेलवे फाटक पर सुबह से 12 घंटे चला स्लैब लांचिंग कार्य




